ईरान में अमेरिका और सऊदी अरब के संयुक्त सैन्य ऑपरेशन में IRGC के चार सदस्य मारे गए
संयुक्त सैन्य कार्रवाई का विवरण
ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार, अमेरिका और सऊदी अरब ने मिलकर इराक में कई ठिकानों पर हमला किया, जिसमें ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के चार सदस्य मारे गए। मेहर समाचार एजेंसी ने बताया कि उत्तरी दियाला प्रांत में रात भर हुई बमबारी में मारे गए चार सदस्यों की पहचान अली असगर अस्तानेह, अबोलफज़ल मोताकी, मोर्तेज़ा अकबरी और अमीर अब्बास दरहमफ़ोरौश के रूप में हुई है। ये सभी मध्य ईरान के काशान शहर के निवासी थे, लेकिन उनके कार्यों के बारे में कोई विशेष जानकारी नहीं दी गई।
अल जज़ीरा और न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट
अल जज़ीरा ने ईरानी स्रोतों का हवाला देते हुए पुष्टि की कि इस संयुक्त कार्रवाई में IRGC से जुड़े चार लोग मारे गए। न्यूयॉर्क टाइम्स ने एक अज्ञात अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया कि इस हमले में तकनीकी विशेषज्ञों और IRGC कर्मियों सहित लगभग 20 ईरानी सलाहकारों की मौत हुई। अधिकारी ने कहा कि इन सलाहकारों की उपस्थिति के कारण जानबूझकर उन स्थानों को निशाना बनाया गया, ताकि तेहरान-समर्थित मिलिशिया की मिसाइल और ड्रोन तैनात करने की क्षमता को समाप्त किया जा सके।
पॉपुलर मोबिलाइज़ेशन फोर्सेज़ की प्रतिक्रिया
इराक में पॉपुलर मोबिलाइज़ेशन फोर्सेज़ (PMF) ने बताया कि बगदाद, दियाला, किरकुक और बसरा सहित सात प्रांतों में उसके कम से कम 20 कर्मी मारे गए और 32 अन्य घायल हुए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि संयुक्त अभियान में पूर्वी इराक में "लॉजिस्टिक्स और हथियारों के ठिकानों" को निशाना बनाया गया। CENTCOM ने बताया कि यह कार्रवाई 72 घंटों में हुए 30 से अधिक ड्रोन हमलों के बाद की गई, जिनका आरोप IRGC पर अमेरिकी सैनिकों और सऊदी ऊर्जा सुविधाओं के खिलाफ हमले करने का था।
सऊदी अरब की प्रतिक्रिया
यह सैन्य कार्रवाई रियाद के उन बयानों के बाद हुई, जिसमें पुष्टि की गई थी कि सऊदी वायु रक्षा प्रणालियों ने पूर्वी प्रांत में तेल बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने वाले कई ड्रोनों को रोककर मार गिराया था। सऊदी अधिकारियों ने इन हमलों के लिए इराकी क्षेत्र से काम कर रहे ईरान-समर्थित समूहों को जिम्मेदार ठहराया। बगदाद की प्रतिक्रिया आलोचनात्मक रही, और इराक की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने इस संयुक्त सैन्य कार्रवाई को "अस्वीकार्य आक्रामकता" करार दिया।
