ईरान में अमेरिकी हमले: CENTCOM का दावा, IRGC ठिकानों पर कार्रवाई
यूएस सेंट्रल कमांड ने ईरान में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के ठिकानों पर हमले का दावा किया है। यह कार्रवाई ईरान द्वारा अमेरिकी बलों पर संभावित हमलों का जवाब है। CENTCOM ने बताया कि इन हमलों का उद्देश्य ईरान और उसके प्रॉक्सी से अमेरिकी बलों को होने वाले खतरों को कम करना था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी ईरान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की धमकी दी है। जानें इस घटनाक्रम के सभी महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में।
| Jul 30, 2026, 16:58 IST
अमेरिकी हमले का विवरण
यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बुधवार को ईरान में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कई ठिकानों पर "ज़ोरदार हमले" करने का दावा किया है। यह कार्रवाई पश्चिम एशिया में अमेरिकी बलों पर ईरान के संभावित मिसाइल हमलों का जवाब थी। CENTCOM की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, ये हमले 29 जुलाई को रात 10 बजे (ET) के आसपास हुए, जिसमें IRGC के सैन्य कमांड सेंटर, मिसाइल और ड्रोन सुविधाएं, तटीय निगरानी और रक्षा स्थलों को निशाना बनाया गया।
हमलों का उद्देश्य
CENTCOM ने बताया कि इन हमलों का मुख्य उद्देश्य "ईरान और उसके प्रॉक्सी से अमेरिकी बलों, वाणिज्यिक शिपिंग और पड़ोसी खाड़ी देशों को होने वाले खतरों को कम करना" था।
ईरान के मिसाइल हमले का जवाब
यह कार्रवाई उस समय हुई जब IRGC ने पश्चिम एशिया में तैनात अमेरिकी बलों पर "अचानक हमले की कोशिश" के तहत कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं। CENTCOM ने कहा कि सभी मिसाइलों को सफलतापूर्वक रोक दिया गया। एक पोस्ट में CENTCOM ने बताया कि अमेरिकी सेना ने पूर्वी समयानुसार रात 8 बजे ईरान पर हमले शुरू कर दिए हैं, जो कि ईरान द्वारा किए गए हमलों का जवाब है।
अमेरिकी सैनिकों की स्थिति
CENTCOM ने यह भी जानकारी दी कि वर्तमान में 50,000 से अधिक अमेरिकी सैनिक पश्चिम एशिया में तैनात हैं और वे बेहद सतर्क, केंद्रित और तैयार हैं।
ट्रम्प का बयान
यह घटनाक्रम उस समय सामने आया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की धमकी को दोहराया। उन्होंने कहा कि वाशिंगटन तेहरान पर कड़ी कार्रवाई करने की योजना बना रहा है। ओवल ऑफिस में एक उपस्थिति के दौरान, ट्रम्प ने कहा कि वे जानते हैं कि यह होने वाला है और भविष्य में कूटनीति की संभावना का भी जिक्र किया।
