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ईरान में जन विद्रोह की चुनौतियाँ: ट्रंप और नेतन्याहू की रणनीतियाँ

डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू की ईरान में जन विद्रोह को लेकर रणनीतियों का विश्लेषण करते हुए, यह लेख बताता है कि कैसे ईरान की जनता ने पिछले प्रदर्शनों के अनुभवों के कारण सतर्कता बरती है। ट्रंप की योजनाएँ और नेतन्याहू का दृष्टिकोण इस मुद्दे पर गहराई से विचार करते हैं। क्या ईरान में जन विद्रोह संभव है? जानिए इस लेख में।
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डोनाल्ड ट्रंप की दुविधा

ईरान के मुद्दे पर डोनाल्ड ट्रंप को कोई स्पष्ट दिशा नहीं मिल रही है। उन्होंने शक्ति, आर्थिक प्रतिबंध और समुद्री नाकेबंदी का हर संभव प्रयास किया है। अब उन्हें जन विद्रोह की याद आ रही है। अमेरिका और इजरायल में यह धारणा है कि केवल जन विद्रोह के माध्यम से ही ईरान में सत्ता परिवर्तन संभव है। इजरायल अपने लक्ष्यों को बिना तख्तापलट के हासिल नहीं कर सकता। पिछले दिसंबर-जनवरी में ट्रंप द्वारा ईरान के प्रदर्शनकारियों को दिए गए धोखे के कारण ईरान की जनता अब अधिक सतर्क हो गई है।


जनता की प्रतिक्रिया

ट्रंप की योजना है कि ईरान के लोग अपनी सरकार के खिलाफ फिर से सड़कों पर उतरें, जैसे कि पिछले साल दिसंबर में हुआ था। उस समय महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन शुरू हुए थे, जो 10 विश्वविद्यालयों से शुरू होकर कई हफ्तों तक चले। ईरान की सरकार ने दमनकारी उपायों का सहारा लिया, जिसमें पश्चिमी देशों के अनुसार 30,000 से अधिक नागरिकों की जान गई। हालांकि, ईरान ने 3117 मौतों की पुष्टि की है।


ट्रंप पर ईरानियों का अविश्वास

जनवरी में, ट्रंप ने ईरान के विरोध प्रदर्शनों का समर्थन किया, जबकि इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सरकार को उखाड़ फेंकने की अपील की। लेकिन जब ईरान के अर्धसैनिक बलों ने 13 जनवरी को हिंसक कार्रवाई शुरू की, तो ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पर लिखा, 'अपनी संस्थाओं पर कब्जा कर लो। मदद आ रही है।'


ईरान में विद्रोह की कठिनाइयाँ

28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद, सरकारी विरोधी भावना देशभक्ति में बदल गई। इसके परिणामस्वरूप, ट्रंप के बार-बार कहने के बावजूद, ईरान की जनता फिर से सड़कों पर नहीं उतरी। ट्रंप ने स्वीकार किया कि ईरान में जन विद्रोह करना बेहद कठिन है। उन्होंने कहा, 'वहां प्रदर्शनकारियों को गोली मार दी जाती है।'


नेतन्याहू का दृष्टिकोण

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान में सत्ता परिवर्तन को इजरायल का केंद्रीय मिशन बताया। उन्होंने कहा कि ईरानी शासन को उखाड़ फेंकना उनका मुख्य लक्ष्य है और यह लक्ष्य अब उनके पहुंच में है। नेतन्याहू ने विश्वास व्यक्त किया कि वे इस खतरे को हमेशा के लिए समाप्त कर देंगे।