ईरान में ट्रंप के खिलाफ भड़कते पोस्टर और प्रदर्शनी: क्या है असली वजह?
तेहरान में ट्रंप के खिलाफ प्रदर्शन
नई दिल्ली: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने एक बार फिर से सुर्खियाँ बटोरी हैं। 3 नवंबर को तेहरान की सड़कों पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ बड़े-बड़े होर्डिंग्स लगाए गए हैं, जिन पर हत्या की धमकी दी गई है। ये पोस्टर दोनों देशों के बीच चल रहे टकराव और ईरान की नाराजगी को दर्शाते हैं।
इंघलाब स्क्वायर पर एक विशाल होर्डिंग पर लिखा है, 'हम ट्रंप को मार डालेंगे।' इसमें ट्रंप को जेल की सलाखों के पीछे सिर झुकाए हुए दिखाया गया है। ईरान पहले भी अमेरिका और इजरायल के खिलाफ इस तरह के पोस्टर और भित्तिचित्रों का उपयोग करता रहा है। 28 फरवरी को अमेरिकी और इजरायली हमलों के बाद युद्ध की शुरुआत हुई थी, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई थी। इसके बाद से ट्रंप का मजाक उड़ाने वाले पोस्टर लगातार लगाए जा रहे हैं।
युद्ध की स्थिति और बातचीत के प्रयास
क्या है युद्ध की मौजूदा स्थिति?
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव जारी है, लेकिन युद्ध को फिर से भड़कने से रोकने के लिए बातचीत की कोशिशें भी चल रही हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने समझौते की संभावना को भी स्वीकार किया है। 3 नवंबर से अमेरिका में मिडटर्म चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जहां ईरान के साथ युद्ध को लेकर लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। ईरान में 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से सार्वजनिक स्थलों पर पोस्टर और चित्र बनाने की परंपरा रही है, जिसके माध्यम से देश के सहयोगियों और विरोधियों के खिलाफ संदेश दिए जाते हैं। नए होर्डिंग इसी परंपरा का हिस्सा माने जा रहे हैं।
ट्रंप के खिलाफ प्रदर्शनी
ट्रंप के खिलाफ पेंटिंग और जेल की प्रदर्शनी
अरब न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तरी तेहरान के तजरिश स्क्वायर में ट्रंप पर आधारित एक विशेष प्रदर्शनी भी आयोजित की गई है। इसमें कई पेंटिंग्स हैं, जिनमें अमेरिकी राष्ट्रपति को अपमानजनक तरीके से दर्शाया गया है। एक चित्र में उनका खून से सना चेहरा जमीन पर पड़ा है, जबकि एक पैर उनके सिर पर रखा हुआ है। दूसरी पेंटिंग में उनके चेहरे पर बम दिखाया गया है, जो बेल्जियम के प्रसिद्ध चित्रकार रेने माग्रित की पेंटिंग 'द सन ऑफ मैन' से प्रेरित है।
प्रदर्शनी में एक जेल जैसी कोठरी भी बनाई गई है, जहां ट्रंप का रूप धारण किए एक अभिनेता पूरे दिन बैठता है। पास की स्क्रीन पर ईरान में अमेरिकी हमलों से हुई तबाही के दृश्य प्रदर्शित किए जा रहे हैं। ईरान का आरोप है कि इन हमलों में स्कूल और शादी समारोह जैसी नागरिक जगहों को निशाना बनाया गया, जिसमें महिलाएं और बच्चे भी मारे गए।
