ईरान में ट्रंप के खिलाफ विवादास्पद बिलबोर्ड: युद्ध की बढ़ती तनाव का प्रतीक
तेहरान में एक नया विवादास्पद बिलबोर्ड सामने आया है, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को काले ताबूत में दिखाया गया है। इस पर लिखा है 'वी विल किल ट्रंप', जो अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का प्रतीक है। यह घटना उस समय हुई है जब दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव बढ़ रहा है। ट्रंप ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए चेतावनी दी है कि अगर ईरान उनकी हत्या की कोशिश करता है, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। जानें इस तनाव के पीछे की कहानी और आगे क्या हो सकता है।
| Jul 17, 2026, 19:14 IST
तेहरान में ट्रंप का विवादास्पद बिलबोर्ड
अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष अब केवल मिसाइलों तक सीमित नहीं रह गया है। तेहरान की सड़कों पर एक ऐसा संदेश उभरकर सामने आया है जिसने वैश्विक ध्यान आकर्षित किया है। ईरान की राजधानी में एक बड़ा बिलबोर्ड स्थापित किया गया है, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक काले ताबूत में दर्शाया गया है। इस बिलबोर्ड पर लिखा है, 'वी विल किल ट्रंप' यानी 'हम ट्रंप को मारेंगे'। यह बिलबोर्ड तेहरान के एंगेलाब चौक पर लगाया गया है और अब चर्चा का विषय बन गया है। ईरान की आधिकारिक मीडिया के अनुसार, इस बिलबोर्ड में ट्रंप को ताबूत में लेटा हुआ दिखाया गया है, उनकी आंखें और मुंह बंद हैं, और हाथ सीने पर रखे हुए हैं। ऊपर अंग्रेजी और फारसी में लिखा है, 'वी विल किल ट्रंप'। बिलबोर्ड के नीचे एक और पंक्ति है, 'मीनाब की याद में'। रिपोर्ट के अनुसार, यह संदेश उस कथित हमले की ओर इशारा करता है जिसमें अमेरिकी और इजराइली बमबारी के दौरान मीनाब स्कूल प्रभावित हुआ था। इसी घटना को आधार बनाकर यह बिलबोर्ड बनाया गया है।
अमेरिका के खिलाफ ईरान का गुस्सा
यह पहली बार नहीं है जब ईरान में अमेरिकी राष्ट्रपति के खिलाफ इस तरह का गुस्सा सार्वजनिक रूप से प्रकट हुआ है। इससे पहले भी, ईरान में कई मौकों पर 'डेथ टू अमेरिका' और 'डेथ टू ट्रंप' जैसे नारे लगाए गए हैं। हाल ही में दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामनई के अंतिम संस्कार के दौरान भी बड़ी संख्या में लोगों ने ऐसे ही नारे लगाए थे। यह बिलबोर्ड उस समय सामने आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है। हर रात अमेरिकी हमलों की खबरें आती हैं और सुबह होते-होते ईरान की ओर से जवाबी कार्रवाई की जानकारी सामने आती है। दावा किया जा रहा है कि क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है। वहीं, हॉरमोस से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों पर भी तनाव का असर साफ दिखाई दे रहा है। डोनाल्ड ट्रंप इससे पहले ऐसी धमकियों पर प्रतिक्रिया भी दे चुके हैं। खामन के अंतिम संस्कार के दौरान लगे नारों के बाद ट्रंप ने कहा था कि अगर ईरान उनकी हत्या की कोशिश करता है, तो इसके नतीजों के लिए वह पहले से तैयार हैं। उन्होंने अपने नेतृत्व को पहले ही निर्देश दे दिए हैं कि अगर उनकी हत्या होती है तो क्या कार्रवाई की जाए।
ट्रंप की चेतावनी
डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि अगर ऐसा कुछ हुआ तो हजारों मिसाइलें ईरान की ओर दागी जाएंगी और ईरान को तबाह कर दिया जाएगा। तेहरान का यह बिलबोर्ड केवल एक पोस्टर नहीं है, बल्कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती दुश्मनी का प्रतीक बन गया है। एक ओर युद्ध के मैदान में मिसाइलें चल रही हैं, वहीं दूसरी ओर मनोवैज्ञानिक और प्रतीकात्मक संदेशों की जंग भी तेज हो गई है। अब देखना होगा कि यह टकराव आगे किस दिशा में बढ़ता है और क्या दोनों देशों के बीच तनाव और गहराता है। आपको बता दें कि 28 फरवरी को खामन की मौत के बाद ईरान ने युद्ध के कारण उनका अंतिम संस्कार नहीं किया था। जुलाई के पहले हफ्ते में जब यह हुआ, तो वहां मौजूद भीड़ ने ट्रंप को मारने के नारे लगाए। अमेरिकी राष्ट्रपति ने भी इसका जवाब दिया। उन्होंने कहा कि अगर ईरान की तरफ से ऐसा कोई प्रयास किया जाता है, तो इसके लिए वह पहले से तैयार हैं। ट्रंप ने जोर देकर कहा कि अगर ऐसा कुछ होता है, तो हजारों मिसाइलें ईरान की तरफ दागी जाएंगी।
