ईरान में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी हमले और जवाबी कार्रवाई
ईरान में हाल के धमाकों और अमेरिका के सैन्य हमलों ने स्थिति को और भी तनावपूर्ण बना दिया है। ईरानी मीडिया के अनुसार, जॉर्डन के अल-अज़राक एयरबेस पर हमले की खबरें आई हैं, जबकि IRGC ने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी हमले का दावा किया है। अमेरिका ने इन दावों को खारिज करते हुए अपनी सैन्य कार्रवाई को जारी रखा है। जानें इस जटिल स्थिति के पीछे की कहानी और आगे क्या हो सकता है।
| Jun 11, 2026, 12:41 IST
ईरान में धमाकों की घटनाएं
ईरान के विभिन्न क्षेत्रों, जैसे सिरिक और मिनाब में, धमाकों की सूचना मिली है। अमेरिका ने लगातार दूसरे दिन ईरान पर सैन्य हमले किए हैं, जिससे वॉशिंगटन और तेहरान के बीच तनाव और बढ़ गया है। ईरानी मीडिया और स्थानीय स्रोतों ने कई क्षेत्रों में एयर डिफेंस गतिविधियों की जानकारी दी, क्योंकि अधिकारी स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहे थे। इसके जवाब में, ईरान के सरकारी मीडिया ने जॉर्डन के अल-अज़राक एयरबेस पर बड़े धमाकों का दावा किया। यह एयरबेस अमेरिकी सैनिकों की उपस्थिति और क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य अभियानों के लिए जाना जाता है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने यह भी कहा कि उसने 12 बैलिस्टिक मिसाइलों से अल-अज़राक एयरबेस को निशाना बनाया और वहां मौजूद अमेरिकी विमानों पर हमला किया।
IRGC का दावा और अमेरिकी प्रतिक्रिया
IRGC ने गुरुवार सुबह यह दावा किया कि उसने कुवैत और बहरीन के एयरबेस पर स्थित 18 अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले किए। एक अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, बहरीन के गृह मंत्रालय ने सायरन बजाने की सूचना दी, जबकि कुवैत ने ईरानी मिसाइलों और ड्रोन की संभावित उपस्थिति के कारण कुछ समय के लिए अपना एयरस्पेस बंद कर दिया। हालांकि, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के उन दावों को खारिज कर दिया कि होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी युद्धपोत पर हमला हुआ था; उन्होंने इसे झूठा बताया और कहा कि अमेरिकी नौसैनिक पोत पर कोई हमला नहीं हुआ। CENTCOM ने रात भर में क्रूज़ मिसाइल लॉन्च करने का फुटेज भी जारी किया। इससे पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक इंटरव्यू में कहा था कि ईरान के अंदर गहराई में स्थित ठिकानों पर हमले के लिए 49 टॉमहॉक मिसाइलों का उपयोग किया गया था।
अमेरिका की चेतावनी और हमले
ये हमले तब हुए जब राष्ट्रपति और रक्षा मंत्री ने चेतावनी दी थी कि यदि तेहरान ने अपना रवैया नहीं बदला, तो वॉशिंगटन ईरान के महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाने और सैन्य कार्रवाई को तेज करने के लिए तैयार है। बाद में CENTCOM ने बताया कि कमांडर-इन-चीफ के आदेश पर अमेरिकी सेना ने शाम 5:15 बजे ET (सुबह 3:45 बजे) ईरान में कई ठिकानों पर अतिरिक्त 'आत्मरक्षा' हमले शुरू कर दिए हैं। CENTCOM ने कहा, "ये हमले ईरान की बिना वजह और लगातार जारी आक्रामकता के जवाब में किए जा रहे हैं।
