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ईरानी राष्ट्रपति का भारत दौरा: BRICS शिखर सम्मेलन में भागीदारी

ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान ने 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत का दौरा किया। उन्होंने एकपक्षीयता का मुकाबला करने और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। पीएम मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय वार्ता में ईरान-भारत संबंधों को मजबूत करने के प्रयासों पर चर्चा होगी। जानें इस महत्वपूर्ण बैठक के बारे में और क्या उम्मीदें हैं।
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ईरानी राष्ट्रपति का भारत दौरा

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान ने 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए शुक्रवार को नई दिल्ली का दौरा किया। वह आज पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे। तेहरान से उड़ान भरने से पहले, राष्ट्रपति ने कहा कि ब्रिक्स का उद्देश्य एकपक्षीयता का मुकाबला करना है, और वर्तमान शिखर सम्मेलन का नारा भी इसी दिशा में है। उन्होंने उम्मीद जताई कि हम इस लक्ष्य के करीब पहुंचेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि आर्थिक मुद्दे जटिल हैं और दुनिया में अधिनायकवाद और एकपक्षीयता को कम करने के लिए नए दृष्टिकोण की आवश्यकता है।


BRICS के तहत आर्थिक सहयोग

उन्होंने बताया कि BRICS के तहत एक विशेष बैंक की स्थापना की गई है, जिससे विभिन्न देशों के बीच निवेश को बढ़ावा मिलेगा। इसका उद्देश्य यह है कि सदस्य देश डॉलर पर निर्भर हुए बिना आपस में लेन-देन कर सकें, जिससे अमेरिका की डॉलर पर आधारित नीतियों का प्रभाव कम हो सके। ईरानी राष्ट्रपति, जो पहले बिश्केक में SCO समिट के दौरान पीएम मोदी से मिल चुके हैं, आज की द्विपक्षीय बैठक में अपनी बातचीत को आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने ईरान और भारत के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को और मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।


भारत की प्रतिबद्धता

बिश्केक में हुई बैठक के दौरान, पीएम मोदी ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए भारत के समर्थन की पुष्टि की थी। उन्होंने BRICS और SCO जैसे संगठनों में ईरान के साथ सहयोग बढ़ाने की भारत की इच्छा को दोहराया और आपसी व्यापार को बढ़ाने के लिए नई दिल्ली के संकल्प को स्पष्ट किया। भारत 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेज़बानी कर रहा है, जिसका विषय "लचीलेपन, इनोवेशन, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण" है।