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एयर फ्रांस ने इजरायल के नए नियमों के चलते पाकिस्तानी पायलटों को उड़ानों से हटाया

एयर फ्रांस ने इजरायल के नए नियमों के चलते पाकिस्तानी पायलटों और क्रू सदस्यों को उड़ानों से हटाने का निर्णय लिया है। यह कदम इजरायल द्वारा लागू किए गए कड़े नियमों के कारण उठाया गया है, जो उन देशों के एयरलाइन क्रू पर लागू होते हैं जिनके साथ इजरायल के राजनयिक संबंध नहीं हैं। यूनाइटेड एयरलाइंस और अन्य एयरलाइंस भी इस दिशा में कदम उठा रही हैं। जानें इस निर्णय का अंतरराष्ट्रीय विमानन पर क्या प्रभाव पड़ेगा और किन देशों के नागरिकों को उड़ानों से रोका जा सकता है।
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नई दिल्ली में एयर फ्रांस का बड़ा फैसला


नई दिल्ली: एयर फ्रांस ने इजरायल की उड़ानों में पाकिस्तानी पायलटों और क्रू सदस्यों को शामिल नहीं करने का निर्णय लिया है। यह कदम इजरायल द्वारा लागू किए गए नए और कड़े नियमों के कारण उठाया गया है। इजरायल ने उन देशों के एयरलाइन क्रू पर प्रतिबंध को सख्ती से लागू करना शुरू कर दिया है, जिनके साथ उसके राजनयिक संबंध नहीं हैं। यह सख्ती 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की एक उड़ान में हुई घटना के बाद बढ़ी, जब एक ओमानी सह-पायलट ने आतंकवादी हमले का प्रयास किया था।


अमेरिकी एयरलाइंस भी कर रही हैं बदलाव

एयर फ्रांस के साथ-साथ अमेरिका की यूनाइटेड एयरलाइंस ने भी अपने पायलटों और केबिन क्रू को इन नागरिकता से संबंधित नियमों के बारे में सूचित किया है। अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या इसका अंतरराष्ट्रीय विमानन पर कोई प्रभाव पड़ेगा और क्या अन्य एयरलाइंस भी इसी तरह के कदम उठाएंगी। फ्रांस की खोजी पत्रिका मीडियापार्ट और विमानन जानकारी देने वाली कंपनी ch-aviation की 13 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों एयरलाइंस ने अपने क्रू को इन प्रतिबंधों के बारे में जानकारी दी है। एयर फ्रांस ने नियमों का पालन करने की पुष्टि की है, जबकि यूनाइटेड एयरलाइंस ने इन्हें अपनी क्रू योजना में शामिल कर लिया है।


दोहरी नागरिकता वाले भी प्रभावित

चेक गणराज्य की प्रमुख एयरलाइन स्मार्टविंग्स ने भी कहा है कि वह इन नए प्रतिबंधों का पालन करेगी। हालांकि, इसके अनुसार, अभी क्रू की ड्यूटी और संचालन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। इन नियमों के तहत ऐसे क्रू सदस्य प्रभावित उड़ानों से रोके जा सकते हैं, जिनके पास सूची में शामिल किसी देश की नागरिकता है, भले ही उनके पास किसी अन्य देश की नागरिकता भी हो।


29 देशों की सूची में शामिल

ch-aviation के अनुसार, यूनाइटेड एयरलाइंस के एक आंतरिक मेमो में 29 देशों के नाम शामिल हैं, जिनके नागरिकों को तेल अवीव की उड़ानों से रोका जा सकता है। इनमें अफगानिस्तान, बांग्लादेश, ईरान, इराक, इंडोनेशिया, मलेशिया, पाकिस्तान, कतर, सऊदी अरब, ओमान, यमन, क्यूबा और वेनेजुएला जैसे देश शामिल हैं। मेमो में यह भी उल्लेख किया गया है कि यह सूची अधूरी हो सकती है। फ्लाईदुबई की घटना के बाद इजरायली अधिकारियों ने इन नियमों को सख्ती से लागू करना शुरू किया है।


इथियोपियन एयरलाइंस की उड़ान पर असर

मंगलवार को इथियोपियन एयरलाइंस की एक उड़ान इन नियमों की पहली शिकार बनी। द जेरूसलम पोस्ट के अनुसार, विमान इथियोपिया के हवाई क्षेत्र से आगे बढ़ चुका था, तभी इजरायली अधिकारियों को उसमें इंडोनेशियाई पायलट होने का पता चला। उन्होंने विमान को वापस लौटने का आदेश दिया। विमान अदीस अबाबा लौट आया, जहां पायलट बदला गया। इसके बाद उसने फिर से उड़ान भरी और तेल अवीव में उतरा। इंडोनेशिया मुस्लिम बहुल देश है और उसके इजरायल से राजनयिक संबंध नहीं हैं। इथियोपियन एयरलाइंस ने इसे अपनी गलती माना और कहा कि उसे इस पायलट पर रोक के बारे में जानकारी नहीं थी।


यूनाइटेड एयरलाइंस का निर्देश

यूनाइटेड एयरलाइंस ने प्रतिबंधित देशों के कर्मचारियों से अपनी ड्यूटी बदलवाने का अनुरोध किया है।


एयर फ्रांस का बयान

एयर फ्रांस ने कतर के प्रसारक अल जजीरा को बताया कि वह इन नियमों का पालन कर रही है। एयरलाइन का कहना है कि हर एयरलाइन को उस देश के प्रवेश नियमों का पालन करना होता है, जहां वह उड़ान भरती है, और ये नियम यात्रियों के साथ-साथ कर्मचारियों पर भी लागू होते हैं।