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ऑपरेशन एंटेबे: इजरायली सेना का साहसिक बचाव अभियान

ऑपरेशन एंटेबे एक साहसिक सैन्य मिशन था, जिसमें इजरायली सेना ने 1976 में 103 बंधकों को बचाने के लिए अद्वितीय रणनीति का उपयोग किया। इस ऑपरेशन में इजरायली कमांडो ने कम ऊंचाई पर उड़ान भरते हुए युगांडा में आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई की। जानें इस ऑपरेशन की पूरी कहानी, जिसमें बंधकों की सुरक्षित वापसी और इजरायली सैनिकों की बहादुरी शामिल है।
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एक साहसिक मिशन की कहानी

1970 के दशक में, जब समय सीमा समाप्त हो रही थी और 2300 मील से अधिक की दूरी थी, तब 103 बंधकों की जिंदगी संकट में थी। उस समय इजरायली सरकार को कोई सटीक खुफिया जानकारी नहीं थी, लेकिन एक निर्णायक फैसले ने एक अद्वितीय और साहसिक ऑपरेशन की नींव रखी। यह ऑपरेशन आज भी सैन्य इतिहास और पाठ्यक्रमों में महत्वपूर्ण स्थान रखता है।


एथेंस से अगवा किया गया विमान

27 जून 1976 को एयर फ्रांस की एक उड़ान ने इजरायल के बेन गुरियन एयरपोर्ट से उड़ान भरी, जिसका गंतव्य पेरिस था। इस उड़ान में 12 चालक दल के सदस्यों सहित 260 यात्री थे। ग्रीस के एथेंस में जब विमान रुका, चार आतंकवादी उसमें चढ़ गए।


ऑपरेशन एंटेबे: इजरायली सेना का साहसिक बचाव अभियान


आतंकवादियों ने जल्दी ही विमान पर नियंत्रण कर लिया और इसे लीबिया के बेंगाजी एयरपोर्ट की ओर मोड़ दिया। वहां ईंधन भरने के बाद, वे इसे युगांडा की राजधानी एंटेबे ले गए, जहां के राष्ट्रपति इदी अमीन ने आतंकियों का समर्थन किया।


हाईजैकर्स की पहचान

इन चार आतंकियों में से दो जर्मन थे, जबकि अन्य दो फिलिस्तीनी थे। हाईजैकिंग के दो दिन बाद, आतंकियों ने गैर-यहूदी और गैर-इजरायलियों को रिहा कर दिया और 105 इजरायली नागरिकों को एंटेबे एयरपोर्ट के पुराने टर्मिनल में बंधक बना लिया।


ऑपरेशन एंटेबे: इजरायली सेना का साहसिक बचाव अभियान


आतंकियों ने इजरायल को दो दिन का अल्टीमेटम दिया कि यदि 1 जुलाई तक इजरायली जेलों में बंद 50 कैदियों को रिहा नहीं किया गया, तो वे बंधकों को मार देंगे।


सैन्य तैयारी की प्रक्रिया

इजरायल ने आतंकियों से बातचीत करने का निर्णय लिया, जिसके परिणामस्वरूप अल्टीमेटम को तीन दिन बढ़ा दिया गया। इस समय का उपयोग इजरायली सेना ने अपनी तैयारी के लिए किया।


ऑपरेशन एंटेबे: इजरायली सेना का साहसिक बचाव अभियान


1 जुलाई को, ऑपरेशन के मुख्य कमांडर ने प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री के सामने अपना प्लान प्रस्तुत किया।


ऑपरेशन की शुरुआत

4 जुलाई को, इजरायली वायु सेना ने ऑपरेशन 'थंडरबोल्ट' की मंजूरी दी। चार हरक्यूलिस विमान कम ऊंचाई पर उड़ान भरते हुए युगांडा की ओर बढ़े।


ऑपरेशन एंटेबे: इजरायली सेना का साहसिक बचाव अभियान


पहला विमान एंटेबे एयरपोर्ट पर उतरा और इदी अमीन की कार जैसी एक काली मर्सिडीज कार का उपयोग किया गया।


ऑपरेशन का रहस्योद्घाटन

योजना के अनुसार, इजरायली सैनिकों ने खुद को युगांडा के सैनिकों के रूप में प्रस्तुत किया। जैसे ही कार बंधकों के पास पहुंची, इजरायली सैनिकों ने फायरिंग शुरू कर दी।


ऑपरेशन एंटेबे: इजरायली सेना का साहसिक बचाव अभियान


ऑपरेशन के दौरान, इजरायली सेना ने महज छह मिनट में सभी आतंकवादियों को मार गिराया।


ऑपरेशन की सफलता

ऑपरेशन के 58 मिनट के भीतर, इजरायली सैनिक बंधकों को सुरक्षित निकालने में सफल रहे। हालांकि, इस दौरान तीन बंधकों की जान गई और योनातन नेतन्याहू की शहादत हुई।


ऑपरेशन एंटेबे: इजरायली सेना का साहसिक बचाव अभियान


इस सफल ऑपरेशन ने इजरायल की सैन्य शक्ति को विश्व स्तर पर प्रदर्शित किया।


हाईजैकर्स का अंत

इजरायली कार्रवाई में सभी सात हाईजैकर्स और 20 युगांडा के सैनिक मारे गए। इस ऑपरेशन के बाद इजरायली सैनिकों का भव्य स्वागत हुआ, जो सैन्य इतिहास में एक अद्वितीय उदाहरण बन गया।