ऑस्ट्रेलियाई युद्धपोत में छिपा कैमरा: महिला सैनिकों की सुरक्षा पर उठे सवाल
महिला सैनिकों की निजता पर खतरा
नई दिल्ली: ऑस्ट्रेलियाई नौसेना के एक युद्धपोत पर एक छिपा हुआ रिकॉर्डिंग उपकरण मिलने से सुरक्षा और महिला सैनिकों की निजता को लेकर गंभीर चिंताएं उत्पन्न हो गई हैं। यह संदेह जताया जा रहा है कि इस डिवाइस के माध्यम से महिला नौसैनिकों के व्यक्तिगत पलों को रिकॉर्ड किया जा सकता था। इस मामले के उजागर होने के बाद ऑस्ट्रेलियाई रक्षा बल ने जांच प्रारंभ कर दी है और इसे सैन्य पुलिस को सौंप दिया गया है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि किसी की गुप्त रिकॉर्डिंग की गई थी या नहीं।
युद्धपोत के केबिन में छिपा उपकरण
ऑस्ट्रेलियाई रक्षा बल के अनुसार, रविवार को क्वींसलैंड के केर्न्स में तैनात रॉयल ऑस्ट्रेलियन नेवी के युद्धपोत एचएमएएस लीउविन के एक केबिन में यह रिकॉर्डिंग डिवाइस पाया गया। बुधवार को इस घटना की जानकारी सार्वजनिक की गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों ने तुरंत जांच शुरू कर दी है।
यह मामला तब सुर्खियों में आया जब ऑस्ट्रेलिया की स्वतंत्र सीनेटर जैकी लैम्बी ने संसद में महिला नौसैनिकों की निजता को लेकर चिंताएं व्यक्त कीं। पूर्व सैन्यकर्मी लैम्बी ने बताया कि कुछ सैन्यकर्मियों ने उनसे संपर्क कर महिला सैनिकों के शॉवर क्षेत्र में छिपे कैमरों की संभावना जताई थी।
क्या निजी वीडियो ऑनलाइन साझा किए गए?
जैकी लैम्बी ने यह भी आशंका व्यक्त की कि यदि कैमरों से वीडियो रिकॉर्ड किए गए थे, तो उन्हें इंटरनेट पर साझा किया जा सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या महिला सैनिकों की अनुमति के बिना उनकी रिकॉर्डिंग की गई और क्या ऐसी कोई सामग्री ऑनलाइन उपलब्ध है।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। रक्षा विभाग ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि बरामद उपकरण महिला सैनिकों के लिए निर्धारित किसी विशेष स्थान पर मिला था या नहीं।
सैन्य पुलिस द्वारा जांच का आश्वासन
ऑस्ट्रेलियाई रक्षा विभाग ने इस मामले की जांच संयुक्त सैन्य पुलिस इकाई को सौंप दी है। जांच पूरी करने और चालक दल के सदस्यों को आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए युद्धपोत को फिलहाल बंदरगाह पर रखा गया है। विभाग ने कहा है कि वह इस घटना को गंभीरता से ले रहा है और किसी भी अस्वीकार्य व्यवहार को बर्दाश्त नहीं करेगा। प्रभावित व्यक्तियों की सुरक्षा और कल्याण प्राथमिकता है। वर्तमान में जांचकर्ता यह पता लगाने में जुटे हैं कि रिकॉर्डिंग डिवाइस किसने लगाया था, क्या उससे कोई वीडियो बनाया गया और क्या किसी सामग्री को इंटरनेट पर साझा किया गया। जांच जारी रहने के कारण अधिकारियों ने अधिक जानकारी देने से इनकार किया है।
