ओमान में ड्रोन हमले से बढ़ा तनाव, 11 भारतीय नाविकों में से 2 लापता
ओमान के सोहर बंदरगाह पर ड्रोन हमला
ओमान के सोहर बंदरगाह के निकट एक जहाज पर ड्रोन हमले के बाद स्थिति में तनाव बढ़ गया है। रिपोर्टों के अनुसार, इस जहाज में 11 भारतीय नाविक मौजूद थे, जिनमें से 2 अब भी लापता हैं। लापता नाविकों की खोज जारी है। भारत ने इस घटना के बाद जहाजों पर हमलों को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की है और इसे तुरंत रोकने की मांग की है। पिछले तीन दिनों में इस क्षेत्र में भारतीय क्रू वाले तीन जहाजों पर हमले की घटनाएं हुई हैं।
हमले का विवरण
यह हमला निकारागुआ के झंडे वाले टैंकर एमटी पेट्रो डॉल्फिन पर हुआ, जो ओमान के सोहर बंदरगाह के पास था। बताया गया है कि यह ड्रोन हमला रविवार को हुआ। केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने जानकारी दी कि सभी 9 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं, जबकि बाकी 2 की तलाश के लिए बचाव कार्य जारी है।
सर्बानंद सोनोवाल का बयान
सर्बानंद सोनोवाल ने कहा, '11 अक्टूबर को, 11 भारतीय नाविकों को ले जा रहे टैंकर MT पेट्रो डॉल्फिन पर सोहर एंकरेज में ड्रोन से हमला हुआ। हमारे नौ भारतीय क्रू सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया है, लेकिन दो भारतीय नागरिक अभी भी लापता हैं।'
https://twitter.com/sarbanandsonwal/status/2109319965526700362
उन्होंने आगे कहा कि स्थानीय कोस्ट गार्ड द्वारा खोज और बचाव अभियान तेजी से चल रहा है। हम लापता कर्मियों को सुरक्षित रूप से खोजने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहे हैं।
विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया
विदेश मंत्रालय ने 11 अक्टूबर को एक बयान जारी किया, जिसमें जहाजों पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की गई। मंत्रालय ने कहा कि एमटी पेट्रो डॉल्फिन पर ड्रोन हमले की सूचना मिली है और जहाज पर सवार 11 भारतीय नाविकों में से 2 लापता हैं।
https://twitter.com/MEAIndia/status/2109353264500363646
मंत्रालय ने यह भी बताया कि मस्कट में भारतीय दूतावास स्थिति पर नजर रख रहा है और लापता भारतीयों को बचाने के लिए ओमान के अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहा है।
भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर जोर
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारतीय नाविकों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। क्षेत्र में व्यावसायिक जहाजों पर बार-बार हो रहे हमले चिंताजनक हैं और इससे पहले से अस्थिर स्थिति और बिगड़ सकती है।
मंत्रालय ने यह भी कहा कि व्यावसायिक जहाजों, नाविकों और नागरिक ढांचे पर हमले तुरंत बंद होने चाहिए। अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार, नौवहन की स्वतंत्रता और समुद्री व्यापार का सुरक्षित प्रवाह बनाए रखा जाना चाहिए।
