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कतर में अमेरिका-ईरान वार्ता में नया मोड़: क्या होगा अगला कदम?

कतर में अमेरिका और ईरान के बीच चल रही वार्ता में एक नया मोड़ आया है, जिसमें ईरान ने अपनी शर्तें स्पष्ट की हैं। ईरान का कहना है कि बिना अमेरिकी नाकेबंदी हटाए कोई अंतिम समझौता नहीं होगा। इस वार्ता के दौरान होर्मुज स्ट्रेट को जल्दी खोलने का दावा भी किया गया है। अमेरिका में मिडटर्म चुनाव के बाद तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। जानें इस महत्वपूर्ण वार्ता के बारे में और क्या हो सकता है आगे।
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नई दिल्ली में अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता


नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को समाप्त करने के लिए कतर में चल रही कूटनीतिक वार्ता में एक नया मोड़ आया है। ईरानी प्रतिनिधिमंडल रविवार को दोहा से लौट आया है। हालांकि, बातचीत से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि यह वापसी किसी अड़चन के कारण नहीं हुई है। वर्तमान में एक ड्राफ्ट प्रस्ताव पर चर्चा जारी है, और जल्द ही अगली बैठक का आयोजन किया जा सकता है।


ईरान का 7 चरणों वाला योजना

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने जानकारी दी कि वार्ता का आधार सितंबर में ईरान द्वारा प्रस्तुत किया गया 7 चरणों का योजना है। इसका उद्देश्य होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलना और ईरान पर लगे अमेरिकी नौसैनिक प्रतिबंध को समाप्त करना है। ईरान इसे पहले से निर्धारित समय से जल्दी लागू करने के लिए तैयार है।


ईरान की शर्तें

बघाई ने बताया कि उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी संदेशों के आदान-प्रदान के लिए दोहा में उपस्थित थे। कतर के मध्यस्थों के माध्यम से ईरान का संदेश अमेरिका तक पहुंचाया जा रहा है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि बिना अमेरिकी नाकेबंदी को हटाए, उसकी मांगों का सम्मान किए बिना और उचित आवश्यकताओं को पूरा किए बिना कोई अंतिम समझौता नहीं होगा। जब तक ये शर्तें पूरी नहीं होतीं, होर्मुज स्ट्रेट को सुरक्षित तरीके से खोलना संभव नहीं है।


होर्मुज स्ट्रेट को जल्दी खोलने का दावा

शनिवार को अल जजीरा ने ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के हवाले से बताया कि यदि समझौता होता है, तो होर्मुज स्ट्रेट को 7 दिन की बजाय केवल 2 दिन में खोला जा सकता है। हालांकि, ईरान के प्रारंभिक प्रस्ताव को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही अस्वीकार कर चुके हैं।


मिडटर्म चुनाव के बाद संभावित तनाव

यह वार्ता ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका में मंगलवार को मिडटर्म चुनाव होने वाले हैं। आशंका है कि चुनाव के बाद तनाव फिर से बढ़ सकता है। जब ईरान के प्रवक्ता से चुनाव के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं है कि चुनाव के बाद अमेरिका में कोई बड़ा बदलाव आएगा। ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका चुनाव से पहले ईरान पर कोई नया हमला नहीं करेगा और बातचीत अच्छी चल रही है, लेकिन उन्होंने सैन्य कार्रवाई की संभावना से भी इनकार नहीं किया है।