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कनाडा में भारतीय गैंगस्टर के नेटवर्क से जुड़े अबजीत किंगरा का निष्कासन: क्या है पूरा मामला?

कनाडा में भारतीय गैंगस्टर अबजीत किंगरा को लॉरेंस बिश्नोई के नेटवर्क से जुड़े होने के कारण निष्कासित किया गया है। किंगरा पर एक गंभीर गोलीबारी में शामिल होने का आरोप है, जो एक प्रसिद्ध पंजाबी गायक के घर पर हुई थी। उसने इमिग्रेशन बोर्ड के समक्ष कहा कि उसे पैसों का लालच देकर इस वारदात में शामिल किया गया। कनाडाई एजेंसियों का कहना है कि बिश्नोई गैंग भारतीय मूल के लोगों को निशाना बना रहा है। इस मामले में 400 से अधिक मामलों की जांच चल रही है। जानें पूरी कहानी और किंगरा की अपील के बारे में।
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कनाडा में भारतीय गैंगस्टर के नेटवर्क से जुड़े अबजीत किंगरा का निष्कासन: क्या है पूरा मामला?

कनाडा में गैंग हिंसा के खिलाफ कार्रवाई


नई दिल्ली: कनाडा में संगठित अपराध और गैंग हिंसा के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत भारतीय गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नेटवर्क से जुड़े एक व्यक्ति पर कठोर कदम उठाया गया है। कनाडा के इमिग्रेशन एंड रिफ्यूजी बोर्ड ने भारतीय नागरिक अबजीत किंगरा को देश से निष्कासित करने का आदेश दिया है। अधिकारियों का कहना है कि किंगरा ने कनाडा में रहते हुए बिश्नोई गैंग के लिए काम किया और एक गंभीर गोलीबारी की घटना में शामिल रहा। यह निर्णय कनाडा में बढ़ती गैंग गतिविधियों पर सख्ती के रूप में देखा जा रहा है।


किंगरा का कनाडा में आगमन

जानकारी के अनुसार, अबजीत किंगरा 2018 में स्टडी परमिट के माध्यम से कनाडा आया था। प्रारंभ में, उसने सामान्य जीवन बिताया, लेकिन बाद में उसका संबंध कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ गया। जांच एजेंसियों का दावा है कि धीरे-धीरे वह गैंग की गतिविधियों में शामिल हो गया और उसे विभिन्न कार्य सौंपे गए। अधिकारियों के अनुसार, किंगरा पर ब्रिटिश कोलंबिया के कोलवुड क्षेत्र में एक घर पर गोलीबारी करने का आरोप है। यह घटना सितंबर 2024 में हुई थी, जिसने उसे जांच एजेंसियों के ध्यान में ला दिया।


AP ढिल्लों के घर पर फायरिंग का मामला

जांच में यह सामने आया कि जिस घर को निशाना बनाया गया, वह प्रसिद्ध पंजाबी गायक AP Dhillon से संबंधित था। आरोप है कि किंगरा ने घर पर लगभग 14 गोलियां चलाईं, जबकि उसके साथ एक अन्य व्यक्ति ने बाहर खड़ी गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें कथित तौर पर बिश्नोई गैंग ने इस हमले की जिम्मेदारी लेने का प्रयास किया। इसके बाद कनाडाई सुरक्षा एजेंसियों ने मामले की जांच को और तेज कर दिया।


किंगरा की सुनवाई में बयान

इमिग्रेशन बोर्ड के समक्ष सुनवाई के दौरान किंगरा ने कहा कि उसे पैसों का लालच देकर इस वारदात में शामिल किया गया था। उसने यह भी कहा कि उसे यह नहीं पता था कि वह जिस नेटवर्क के लिए काम कर रहा है, वह बिश्नोई गैंग से संबंधित है। किंगरा के अनुसार, वह आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहा था और अपने परिवार को पैसे भेजना चाहता था, इसलिए उसने गलत लोगों के साथ काम करने का निर्णय लिया। हालांकि, कनाडा बॉर्डर सर्विस एजेंसी (CBSA) ने इस दलील को अस्वीकार कर दिया।


भारतीय मूल के लोगों को निशाना बनाने के आरोप

इमिग्रेशन बोर्ड ने अपने आदेश में कहा कि बिश्नोई गैंग को एक संगठित आपराधिक नेटवर्क माना जाता है, जिस पर हत्या, धमकी, गोलीबारी, आगजनी और जबरन वसूली जैसे गंभीर आरोप लगते रहे हैं। कनाडाई एजेंसियों का कहना है कि इस गैंग ने वहां रहने वाले भारतीय मूल के व्यापारियों, कलाकारों और अन्य लोगों को धमकाने का प्रयास किया। कथित तौर पर फोन कॉल, मैसेज और सोशल मीडिया के माध्यम से पैसे की मांग की जाती थी। कई मामलों में संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और हिंसा की धमकी भी दी गई।


400 से अधिक मामलों की जांच जारी

कनाडा बॉर्डर सर्विस एजेंसी के अनुसार, गैंग हिंसा और उगाही से जुड़े 400 से अधिक मामलों की जांच चल रही है। कई संदिग्धों के खिलाफ कार्रवाई की गई है और कुछ को देश से बाहर भी भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि बिश्नोई गैंग की गतिविधियां विशेष रूप से ब्रिटिश कोलंबिया, अल्बर्टा, मैनिटोबा और ओंटारियो जैसे प्रांतों में अधिक देखी गई हैं। गैंग पर ड्रग तस्करी, सुपारी किलिंग और अवैध वसूली जैसे मामलों में शामिल होने के आरोप भी हैं।


डिपोर्टेशन के खिलाफ अपील की तैयारी

फिलहाल, अबजीत किंगरा छह साल की जेल की सजा काट रहा है। उसके खिलाफ एक अन्य हमले से संबंधित मामला भी विचाराधीन है। डिपोर्टेशन आदेश मिलने के बाद उसने इसके खिलाफ अपील करने की तैयारी शुरू कर दी है। किंगरा का कहना है कि यदि उसे भारत भेजा गया तो उसकी जान को खतरा हो सकता है। हालांकि, इमिग्रेशन बोर्ड ने कहा कि इस दावे के समर्थन में कोई ठोस प्रमाण पेश नहीं किया गया।


इस मामले में विक्रम शर्मा नामक एक अन्य भारतीय नागरिक का नाम भी सामने आया है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि वह भी इस हमले में शामिल था। घटना के बाद उसके कनाडा छोड़कर फरार होने की जानकारी मिली थी। अधिकारियों को आशंका है कि वह भारत भाग गया है। फिलहाल उसकी तलाश जारी है।