कश्मीर में आतंकवाद: पूर्व अंडरकवर ऑपरेटिव के चौंकाने वाले खुलासे
पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद पर मुश्ताक अहमद भट के दावे
नई दिल्ली: कश्मीर में आतंकवाद के मुद्दे पर एक पूर्व आतंकवादी और भारतीय सुरक्षा बलों के लिए काम कर चुके अंडरकवर ऑपरेटिव मुश्ताक अहमद भट ने कुछ चौंकाने वाले तथ्य साझा किए हैं। हाल ही में एक पॉडकास्ट साक्षात्कार में, उन्होंने बताया कि घाटी में सक्रिय विदेशी आतंकियों का उद्देश्य केवल धार्मिक या वैचारिक लड़ाई नहीं था, बल्कि वे स्थानीय लोगों को गुमराह कर अपने स्वार्थों को पूरा करने में भी लगे रहते थे।
आतंकियों के पास से मिली वस्तुएं
साक्षात्कार के दौरान, मुश्ताक ने कहा कि कई मुठभेड़ों में मारे गए आतंकियों के पास से ऐसे दस्तावेज और व्यक्तिगत सामान मिले हैं, जो उनके 'जिहाद' के दावों पर सवाल उठाते हैं। उनके अनुसार, कुछ आतंकियों के पास से स्थानीय युवतियों को लिखे गए प्रेम पत्र और कंडोम जैसी वस्तुएं बरामद हुई थीं। इन पत्रों में धार्मिक संघर्ष की बातें नहीं, बल्कि व्यक्तिगत संबंध बनाने की कोशिश की गई थी।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि घाटी में आने वाले कुछ विदेशी आतंकवादी स्थानीय युवतियों को भावनात्मक रूप से प्रभावित करने का प्रयास करते थे। इसके अलावा, कई मामलों में आतंकियों ने नकली पहचान या रिश्तों का सहारा लेकर लोगों का विश्वास जीतने की कोशिश की, जिससे वे अपनी इच्छाओं को पूरा कर सकें।
आतंकवाद का असली उद्देश्य
साक्षात्कार के दौरान मुश्ताक ने यह भी कहा कि कुछ अभियानों में सुरक्षा बलों को ऐसी चीजें मिलीं, जिन्होंने आतंकियों के घोषित उद्देश्यों और उनके व्यवहार के बीच विरोधाभास को उजागर किया। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन उन्होंने आतंकवाद के उस पहलू पर चर्चा शुरू की है, जिस पर अक्सर सार्वजनिक बहस कम होती है।
मुश्ताक के अनुसार, आतंकवाद का सबसे बड़ा प्रभाव आम कश्मीरी परिवारों पर पड़ा है। उन्होंने कहा कि हिंसा, डर और झूठे वादों के कारण कई परिवारों की जिंदगी प्रभावित हुई और अनेक युवाओं का भविष्य भी बर्बाद हुआ है।
