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किम जोंग की रूस के प्रति समर्थन से वैश्विक राजनीति में हलचल

उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग ने रूस का समर्थन करते हुए वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है। अमेरिका, जर्मनी और ब्रिटेन जैसे नाटो देशों की चिंताएं बढ़ गई हैं। ट्रंप ने किम जोंग के साथ अपने रिश्तों पर टिप्पणी की है, जो पहले तनावपूर्ण थे। जानें इस लेख में किम जोंग के रूस के प्रति समर्थन और ट्रंप के बदलते सुर के बारे में।
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उत्तर कोरिया का रूस के प्रति समर्थन

जब से किम जोंग, उत्तर कोरिया के सुप्रीम लीडर, ने रूस-यूक्रेन संघर्ष में रूस का समर्थन किया है, तब से वैश्विक स्तर पर हलचल मच गई है। किम जोंग की इस एंट्री से यह स्पष्ट नहीं है कि युद्ध का रुख किस दिशा में जाएगा। अमेरिका, जर्मनी, ब्रिटेन और अन्य नाटो देशों ने यूक्रेन को भारी मात्रा में घातक हथियार भेजे हैं, लेकिन अब वे किम जोंग के समर्थन से चिंतित हैं। खासकर जब किम ने रूस में 500 सैनिक तैनात करने और घातक मिसाइलें देने का निर्णय लिया है। इस स्थिति से न केवल यूक्रेन, बल्कि पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप भी चिंतित हैं। नाटो देशों में खलबली मची हुई है, क्योंकि किम जोंग से टकराना किसी भी दृष्टि से जोखिम भरा हो सकता है। किम जोंग के लगातार मिसाइल परीक्षणों से अमेरिका को परमाणु हमले की धमकियां मिलती रहती हैं, जिससे ट्रंप की चिंता बढ़ गई है कि किम जोंग युद्ध का रुख किस ओर मोड़ेंगे।


ट्रंप का किम जोंग के साथ संबंध

ट्रंप, जो पहले उत्तर कोरिया के बारे में बड़े दावे करते थे, अब उनके सुर बदलते हुए नजर आ रहे हैं। उन्होंने हाल ही में एक तस्वीर साझा की है जिसमें वह किम जोंग के साथ हैं। अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ है, लेकिन ट्रंप ने इस तस्वीर के माध्यम से यह संकेत दिया है कि उनके और किम जोंग के बीच संबंध अच्छे हैं। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पर लिखा कि किम जोंग और वह अच्छे दोस्त हैं। यह तस्वीर 2018 में सिंगापुर में हुई उनकी पहली मुलाकात की है।


भविष्य की संभावनाएं

ट्रंप ने पहले भी इस तस्वीर को साझा किया था, लेकिन उस समय कोई टिप्पणी नहीं की थी। किम जोंग के साथ उनकी मुलाकातें उनके पहले राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान हुई थीं। 2018 की बैठक को ऐतिहासिक माना गया था, क्योंकि यह पहली बार था जब किसी मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति और उत्तर कोरिया के नेता की आमने-सामने मुलाकात हुई थी। हालांकि, 2019 में वियतनाम में हुई दूसरी बैठक में कोई सहमति नहीं बन सकी। ट्रंप ने संकेत दिया है कि वह किम जोंग से फिर से बातचीत करने के लिए तैयार हैं। अक्टूबर 2025 में उन्होंने कहा था कि वह किम जोंग से मिलना चाहेंगे। उत्तर कोरिया अपने परमाणु हथियारों को छोड़ने के लिए तैयार नहीं है, और इस समय किम जोंग का रूस के प्रति समर्थन ट्रंप के लिए चिंता का विषय बन गया है। अब देखना यह होगा कि किम जोंग का अगला कदम क्या होगा।