कैप्टन स्मित मच्छर की बहादुरी: दुबई के क्राउन प्रिंस ने की सराहना
कैप्टन स्मित मच्छर की अद्भुत बहादुरी
नई दिल्ली: भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर की बहादुरी की चर्चा आज पूरी दुनिया में हो रही है। फ्लाईदुबई की फ्लाइट में हुए हमले के बाद भी हिम्मत दिखाते हुए 174 यात्रियों की जान बचाने वाले स्मित से मिलने खुद दुबई के क्राउन प्रिंस और UAE के रक्षा मंत्री शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम अस्पताल पहुंचे। उन्होंने न सिर्फ दिल खोलकर तारीफ की, बल्कि प्यार से स्मित का माथा भी चूमा।
शेख हमदान ने एक्स पर पोस्ट कर मुलाकात की जानकारी दी। उन्होंने लिखा, "कैप्टन स्मित मच्छर से मिला, जिन्होंने हिम्मत, जिम्मेदारी और इंसानी जिंदगी की परवाह की बेहतरीन मिसाल पेश की है। हमारी और देश के नेतृत्व की ओर से उन्हें पूरी सराहना मिलती है। हमें गर्व है कि वह हमारी टीम का हिस्सा हैं। वह हमारी कहानी का हिस्सा हैं और उस चीज का हिस्सा हैं जिसके लिए UAE जाना जाता है - दयालुता का देश, शांति का देश और जिंदगी का देश।"
कैप्टन स्मित की स्वास्थ्य स्थिति
UAE में भारतीय दूतावास ने शनिवार को बताया कि कैप्टन स्मित मच्छर का इलाज अच्छा चल रहा है और तेजी से रिकवरी हो रही है। दूतावास ने एक्स पर लिखा कि स्मित को बेहतरीन मेडिकल केयर मिल रही है। हम उनके परिवार और स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में हैं। उनकी देखभाल के लिए UAE सरकार का धन्यवाद। हम भी उनके अच्छे स्वास्थ्य की प्रार्थना में शामिल हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने की बात
इससे पहले शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी स्मित से वीडियो कॉल पर बात की थी। स्मित ने पीएम को पूरी घटना के बारे में बताया और बताया कि कैसे उन्होंने हिम्मत जुटाई। पीएम मोदी ने उनकी बहादुरी की जमकर तारीफ की और जल्द ठीक होने की कामना की।
फ्लाइट में हुई घटना
यह घटना बुधवार को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में हुई। फ्लाइट में 174 यात्री थे, जिनमें 27 बच्चे भी शामिल थे। उड़ान के दौरान को-पायलट ने कॉकपिट में कैप्टन स्मित पर चाकू से हमला कर दिया। स्मित गंभीर रूप से घायल हो गए।
हमले के बाद फ्लाइट ने 34,000 फीट से तेजी से नीचे आते हुए 17,000 फीट से ज्यादा की गिरावट दर्ज की और इमरजेंसी सिग्नल भेजा। इसके बावजूद घायल अवस्था में भी स्मित ने हिम्मत नहीं हारी और विमान को सऊदी अरब के तबुक में प्रिंस सुल्तान बिन अब्दुलअज़ीज़ एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंड करा दिया। उनकी सूझबूझ से सभी यात्रियों की जान बच गई। फिलहाल दुबई के एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है।
