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कैप्टन स्मित मच्छार: फ्लाईदुबई की उड़ान में साहसिकता से बचाई 170 यात्रियों की जान

फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में एक गंभीर घटना घटी, जब को-पायलट ने कैप्टन पर चाकू से हमला किया। भारतीय मूल के पायलट कैप्टन स्मित मच्छार ने अपनी बहादुरी से 170 यात्रियों की जान बचाई। इजरायल के प्रधानमंत्री और अमेरिकी राष्ट्रपति ने उनकी प्रशंसा की है। जानें इस अद्भुत घटना का पूरा विवरण और कैप्टन की पृष्ठभूमि।
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दिल्ली में घटित एक अद्भुत घटना


नई दिल्ली: एक विमान जो आसमान में उड़ रहा था, अचानक कॉकपिट में चाकू से हमला हुआ और महज 30 सेकंड में 14,000 फीट की ऊंचाई से गिरने लगा। यह कोई फिल्म का दृश्य नहीं, बल्कि फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में घटित वास्तविकता है, जिसने 170 से अधिक यात्रियों की जान को खतरे से बचाया। इस साहसिक कार्य के नायक बने भारतीय मूल के पायलट कैप्टन स्मित मच्छार, जिनकी बहादुरी की प्रशंसा इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने की है।


घटना का विवरण

यह घटना बोइंग 737 मैक्स 8 विमान में हुई, जहां कैप्टन और को-पायलट के बीच अचानक झड़प शुरू हो गई। इजरायली अधिकारियों के अनुसार, को-पायलट ने कैप्टन पर चाकू से हमला किया, जिसके कारण विमान की ऊंचाई तेजी से गिरने लगी। एक अधिकारी ने बताया कि को-पायलट ओमान का नागरिक था, जिसने विमान पर नियंत्रण पाने की कोशिश की। ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, विमान ने केवल 30 सेकंड में लगभग 14,000 फीट की ऊंचाई खो दी, जिससे सभी यात्रियों की जान खतरे में पड़ गई।


यात्रियों की बहादुरी

जैसे ही विमान तेजी से गिरने लगा, यात्रियों ने कॉकपिट से आती चीखें सुनीं और तुरंत उस दिशा में दौड़ पड़े। नेतन्याहू के अनुसार, विमान टेलस्पिन में चला गया था और तेजी से नीचे गिर रहा था। इस दौरान कुछ यात्रियों और एक क्रू मेंबर ने कॉकपिट में प्रवेश किया और देखा कि को-पायलट जानबूझकर विमान के सिस्टम को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहा था।


नेतन्याहू की प्रशंसा

इस साहसिक घटना के बाद, नेतन्याहू ने सोशल मीडिया पर लिखा कि वे कैप्टन की असाधारण बहादुरी को सलाम करते हैं। उनके अनुसार, गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद, कैप्टन ने लड़ाई जारी रखी, जिससे 174 लोगों की जान बचाई जा सकी। उन्होंने कैप्टन के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की।


इजरायल के राजदूत की प्रतिक्रिया

भारत में इजरायल के राजदूत ने भी कैप्टन को एक अनुभवी और काबिल हीरो बताया। उनके अनुसार, कैप्टन और अन्य यात्रियों के साहस ने मिलकर 180 लोगों की जान बचाई। भारत सरकार ने भी इस साहसिक कार्य के लिए कैप्टन की सराहना की।


विशेष पहल की घोषणा

इजरायल एयरलाइन पायलट्स एसोसिएशन ने भी कैप्टन स्मित मच्छार और उनकी टीम का आभार व्यक्त किया। इजरायली नेता अलमोग कोहेन ने कैप्टन को 'आज के इजरायल का हीरो' बताते हुए कहा कि उन्होंने अपनी सूझबूझ से कॉकपिट का दरवाजा खुलवाकर लगभग 200 लोगों की जान बचाई।


ट्रंप का बयान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कैप्टन की बहादुरी की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि पायलट की स्थिति गंभीर थी, लेकिन उसने समझदारी से काम लिया और सच में हीरो साबित हुआ।


कैप्टन स्मित मच्छार का परिचय

गुजराती मूल के कैप्टन स्मित मच्छार के पास कमर्शियल एविएशन में 10 साल से अधिक का अनुभव है। वे जून 2022 में फ्लाईदुबई में शामिल हुए थे और इससे पहले स्पाइसजेट में 11 साल तक कार्यरत रहे।


भारतीय दूतावास की निगरानी

रियाद में भारतीय दूतावास और जेद्दा का वाणिज्य दूतावास कैप्टन की सेहत पर नजर रखे हुए हैं। फिलहाल, वे तबूक के अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।


फ्लाईदुबई का निर्णय

इस घटना के बाद, फ्लाईदुबई ने अपने बयान में कहा है कि जांच पूरी होने तक इजरायल जाने वाली सभी उड़ानें रोक दी गई हैं।