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कैप्टन स्मित मछार की बहादुरी: इजरायल ने किया सम्मानित, जानें पूरी कहानी

कैप्टन स्मित मछार की बहादुरी ने इजरायल में एक बड़ा सम्मान अर्जित किया है। उन्होंने फ्लाईदुबई की FZ1073 उड़ान में 180 यात्रियों की जान बचाई, जब को-पायलट ने उन पर चाकू से हमला किया। इजरायल के राष्ट्रपति ने उन्हें और चार अन्य नागरिकों को नागरिक वीरता के लिए सम्मानित करने का निर्णय लिया है। जानें इस अद्भुत घटना की पूरी कहानी और कैसे कैप्टन स्मित ने एक बड़े हादसे को टाल दिया।
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कैप्टन स्मित मछार को इजरायल का सम्मान


नई दिल्ली: भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार की अदम्य साहस की कहानी अब केवल प्रशंसा तक सीमित नहीं रह गई है। इजरायल ने फ्लाईदुबई की FZ1073 उड़ान को एक संभावित दुर्घटना से बचाने के लिए उन्हें औपचारिक रूप से सम्मानित करने का निर्णय लिया है। भारत में इजरायल के राजदूत रुवेन अजार ने एक मीडिया चैनल से बातचीत में बताया कि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और आम इजरायली नागरिक सभी कैप्टन स्मित की बहादुरी की सराहना कर रहे हैं।


राजदूत ने कहा कि इजरायल अपने मित्रों को कभी नहीं भूलता और संकट के समय में साथ खड़े रहने वालों को हमेशा सम्मानित करता है। उन्होंने बताया कि कैप्टन स्मित ने विमान में सवार लगभग 180 लोगों की जान बचाई। यह घटना 7 अक्टूबर के आतंकवादी हमले की तीसरी वर्षगांठ के आस-पास हुई, जिससे एक और बड़ा हमला टल गया। खतरे को भांपते हुए इजरायल ने फाइटर जेट्स को भी हवा में भेजा था, और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस मामले पर सुरक्षा बैठक में भाग लिया। राजदूत के अनुसार, कैप्टन की बहादुरी ने एक बड़े हादसे को टाल दिया, और इजरायल जल्द ही उन्हें औपचारिक सम्मान प्रदान करेगा।


चार इजरायली नागरिकों को भी मिलेगा सम्मान

केवल कैप्टन स्मित ही नहीं, बल्कि विमान को सुरक्षित रखने में मदद करने वाले चार इजरायली नागरिकों को भी सम्मानित किया जाएगा। इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने कहा है कि वे इन चारों को "प्रेसिडेंट मेडल फॉर सिविलियन हीरोइज्म" देने की सिफारिश करेंगे। राष्ट्रपति हर्जोग ने यानिव हयून, डॉ. शोता मुसायेव, त्विका मैन्स और आसफ रेजवान से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की। ये चारों उस दिन हुई हिंसक घटना के दौरान स्थिति को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे।


घटना का विवरण

दुबई से तेल अवीव जा रही इस उड़ान में अचानक हड़कंप मच गया, जब को-पायलट ने दूसरे पायलट पर चाकू से हमला कर दिया। इसके बाद विमान तेजी से ऊंचाई खोने लगा। इस संकट के समय यात्रियों और क्रू ने मिलकर साहस दिखाया और विमान का नियंत्रण पुनः प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इन्हीं चार इजरायली नागरिकों के प्रयासों के कारण विमान को सुरक्षित रूप से उतारा जा सका, जिसके चलते राष्ट्रपति हर्जोग ने उन्हें नागरिक वीरता के इस विशेष सम्मान के लिए चुना।


फ्लाईदुबई की यह उड़ान बाद में सऊदी अरब की ओर मोड़ दी गई, जहां इसे सुरक्षित लैंड कराया गया। इस घटना के बाद से कैप्टन स्मित की बहादुरी और यात्रियों की भूमिका इजरायल में चर्चा का मुख्य विषय बन गई है।