क्या अमेरिका और इजरायल की नई सैन्य योजना ईरान को संकट में डाल देगी?
मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव
नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में तनाव की स्थिति अभी भी जारी है, और हालिया रिपोर्ट ने चिंता को और बढ़ा दिया है। एक प्रमुख समाचार पत्र की जानकारी के अनुसार, अमेरिका और इजरायल अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के बाद ईरान पर नए सैन्य हमलों की योजना बना रहे हैं। इसके जवाब में, ईरान ने किसी भी नए हमले का सामना करने के लिए 'फादर ऑफ ऑल बॉम्स' नामक हथियार का उपयोग करने की धमकी दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह अभियान छोटा लेकिन तीव्र हो सकता है, जिसमें ईरान के ऊर्जा ढांचे, परमाणु स्थलों और मिसाइल-ड्रोन भंडार को निशाना बनाया जा सकता है। दोनों देशों की सेनाओं ने इराक के ऊपर उड़ानों सहित अभ्यासों को बढ़ा दिया है।
संभावित हमलों पर चर्चा
अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने हाल ही में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ संभावित हमलों पर चर्चा की। कुछ अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि एक और हमला ईरान की अर्थव्यवस्था को संकट में डाल सकता है और उसे कूटनीतिक रियायतें देने के लिए मजबूर कर सकता है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि राष्ट्रपति ट्रंप इसे मंजूरी देंगे या नहीं। व्हाइट हाउस ने सैन्य योजनाओं पर टिप्पणी करने से इनकार किया है और कहा है कि ईरान को परमाणु हथियारों से रोकने के लिए सभी विकल्प खुले हैं।
ईरान की प्रतिक्रिया
ईरान की धमकी
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के प्रवक्ता हुसैन मोहेब्बी ने कहा कि अमेरिका के पास 'मदर ऑफ ऑल बॉम्स' है, जबकि ईरान उन्हें 'फादर ऑफ ऑल बॉम्स' दिखाएगा। उन्होंने हथियार के बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी। मोहेब्बी का दावा है कि जून 2025 में ईरान-इजरायल युद्ध के बाद ईरान का मिसाइल भंडार डेढ़ गुना बढ़ गया है और उसकी गुणवत्ता, रेंज, विनाश क्षमता और सटीकता में सुधार हुआ है। उनके अनुसार, ईरान अब स्थायी प्रतिरोध और असममित युद्ध पर आधारित रक्षा सिद्धांत अपना रहा है और हमले की स्थिति में केवल जवाब नहीं, बल्कि आक्रामक कार्रवाई भी करेगा।
मदर ऑफ ऑल बॉम्स क्या है?
क्या है 'मदर ऑफ ऑल बॉम्स'
राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान की गहरी भूमिगत परमाणु सुविधा पिकैक्स माउंटेन के खिलाफ जीबीयू-43/बी एमओएबी के इस्तेमाल पर विचार किया है। यह लगभग 9,800 किलोग्राम वजनी पारंपरिक बम है और अमेरिका के सबसे बड़े गैर-परमाणु हथियारों में से एक माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह जमीन पर फटता है, इसलिए यह ग्रेनाइट से सुरक्षित भूमिगत ठिकानों को नष्ट करने में शायद सक्षम नहीं होगा।
सैन्य तैनाती और कूटनीति
सैन्य तैनाती और कूटनीति
अमेरिका नवंबर की शुरुआत तक तीन एयरक्राफ्ट कैरियर, हजारों मरीन, फाइटर जेट और विशेष बलों की तैनाती पूरी करने की योजना बना रहा है। ट्रंप ने पहले मिडटर्म चुनाव से पहले हमले न करने का वादा किया था। बताया गया है कि इस महीने की शुरुआत में हमला लगभग तय था, लेकिन उन्होंने इसे अंतिम समय पर टाल दिया। अमेरिका सैन्य दबाव को परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज पर नियंत्रण की बातचीत में लीवरेज के रूप में इस्तेमाल करना चाहता है, जबकि ईरानी वार्ताकार परमाणु मुद्दे पर रियायत देने के लिए तैयार नहीं हैं। ईरानी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि नया संघर्ष शिपिंग और ऊर्जा ढांचे तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि डेटा सेंटर और समुद्री इंटरनेट केबल्स तक फैल सकता है।
