क्या अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बढ़ रहा है तनाव? जानिए ताजा हालात
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव की नई लहर
नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर गंभीर स्थिति में पहुंचता नजर आ रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों के बाद, अमेरिकी सेना ने ईरानी बंदरगाहों पर नाकाबंदी फिर से लागू करने का निर्णय लिया है। इस कदम से पहले से चल रहे अंतरिम युद्धविराम समझौते की स्थिति कमजोर होती दिखाई दे रही है। अमेरिकी सेना ने मंगलवार को बताया कि यह कार्रवाई ईरान द्वारा कमर्शियल जहाजों पर किए गए हमलों के जवाब में की गई है।
तनाव का केंद्र: होर्मुज जलडमरूमध्य
होर्मुज जलडमरूमध्य एक बार फिर दोनों देशों के बीच तनाव का मुख्य केंद्र बन गया है। ईरान के सरकारी प्रसारक IRIB के अनुसार, दक्षिणी शहर अहवाज में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं। इसके अलावा, केशम द्वीप पर भी कई विस्फोटों की सूचना मिली है। दोनों देश एक-दूसरे पर अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा को खतरे में डालने का आरोप लगा रहे हैं।
नाकाबंदी का इतिहास
अमेरिका ने पहली बार अप्रैल में ईरानी बंदरगाहों पर नाकाबंदी लागू की थी, जिसे मध्य जून में अंतरिम युद्धविराम समझौते के बाद हटा लिया गया था। इस समझौते के तहत ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर 60 दिनों के भीतर बातचीत करने की योजना थी, लेकिन होर्मुज क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण वार्ता आगे नहीं बढ़ सकी।
ट्रंप का टोल लगाने का फैसला
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले घोषणा की थी कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर 20 प्रतिशत शुल्क लगाया जाएगा। हालांकि, नाकाबंदी फिर से लागू होने से कुछ घंटे पहले उन्होंने इस निर्णय को वापस ले लिया। ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि खाड़ी क्षेत्र के कई नेताओं ने उनसे संपर्क किया और शुल्क के बजाय निवेश आधारित व्यवस्था अपनाने का सुझाव दिया।
सैन्य कार्रवाई में वृद्धि
नाकाबंदी लागू करने से पहले अमेरिका ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, इन हमलों में तटीय रक्षा प्रणाली, मिसाइल लॉन्चिंग स्थल और ड्रोन अड्डों को निशाना बनाया गया। अमेरिकी सेना का कहना है कि इन हमलों का उद्देश्य ईरान की उस क्षमता को कमजोर करना है, जिससे वह वाणिज्यिक जहाजों और आम नागरिकों को निशाना बना सकता है।
हमलों का सिलसिला
इसके जवाब में, ईरान ने बहरीन, कुवैत, जॉर्डन और होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे कई टैंकरों पर हमले किए। इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन (IMO) के अनुसार, संयुक्त अरब अमीरात से जुड़े दो टैंकरों पर हुए हमले में दो नाविकों की मौत हो गई, जबकि 14 अन्य घायल हुए। इसके बाद यूएई ने भी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
जलडमरूमध्य पर नियंत्रण का विवाद
युद्ध शुरू होने से पहले, दुनिया के कुल कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस का लगभग पांचवां हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता था। यह समुद्री मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम गरिबाबादी ने आरोप लगाया कि अमेरिका तेहरान को इस जलडमरूमध्य पर अपने अधिकार का उपयोग करने से रोकना चाहता है।
शांति वार्ता पर संकट
लगातार बढ़ते हमलों ने अमेरिका और ईरान के बीच जारी शांति प्रयासों को भी मुश्किल में डाल दिया है। क्षेत्रीय देशों के अधिकारी दोनों पक्षों को फिर से बातचीत की मेज पर लाने की कोशिश कर रहे हैं। पाकिस्तान की अगुवाई में एक मध्यस्थता टीम युद्धविराम को दोबारा लागू कराने के प्रयासों में जुटी हुई है।
