क्या अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बढ़ा तनाव? जानें ताजा घटनाक्रम
नई दिल्ली में मिडिल ईस्ट की चिंताजनक स्थिति
नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट से एक गंभीर और चिंताजनक खबर आ रही है। वाशिंगटन और तेहरान के बीच हाल ही में हुए युद्धविराम (Ceasefire) समझौते के बावजूद, तनाव फिर से बढ़ गया है। अमेरिका ने 24 घंटे के भीतर दूसरी बार ईरान पर भीषण हवाई हमले किए हैं। शनिवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) के निकट हुए इस हमले ने दोनों देशों को युद्ध के कगार पर ला खड़ा किया है।
राष्ट्रपति ट्रंप का आदेश और अमेरिकी सेंट्रल कमांड का एक्शन
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने एक आधिकारिक बयान में बताया कि यह बड़ी सैन्य कार्रवाई राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर की गई। इस हवाई हमले में अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरान के कई महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों को नष्ट कर दिया। मुख्य रूप से निशाने पर ईरान का मिलिट्री सर्विलांस इंफ्रास्ट्रक्चर, अत्याधुनिक संचार प्रणाली, एयर डिफेंस साइट्स और ड्रोन भंडारण केंद्र थे। इसके अलावा, समुद्र में वाणिज्यिक जहाजों को रोकने के लिए ईरान की बारूदी सुरंग बिछाने की क्षमताओं को भी इस हमले में भारी नुकसान पहुंचाया गया है।
सिरिक शहर में धमाकों की गूंज
इस अमेरिकी कार्रवाई का प्रभाव ईरान में स्पष्ट रूप से देखा गया। ईरान के सरकारी मीडिया ने एक सैन्य सूत्र के हवाले से बताया कि दक्षिणी ईरानी शहर 'सिरिक' के पास भीषण विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। रिपोर्ट्स के अनुसार, आसमान से गिरे कई प्रोजेक्टाइल सिरिक के एक दूरसंचार टावर से टकराए, जिससे संचार व्यवस्था ठप हो गई। हालांकि, ईरान की ओर से जानमाल के नुकसान की विस्तृत जानकारी अभी तक साझा नहीं की गई है।
तेल टैंकर पर हमले का प्रतिशोध
यह सवाल उठता है कि अचानक युद्धविराम के बीच अमेरिका ने इतनी बड़ी कार्रवाई क्यों की? अमेरिका ने इसे ईरान की उकसावे वाली कार्रवाई का जवाब बताया है। अमेरिकी खुफिया एजेंसी का आरोप है कि शनिवार तड़के ईरान ने वन-वे अटैक ड्रोन के जरिए पनामा के झंडे वाले एक विशाल तेल टैंकर को निशाना बनाया था। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दावा किया कि यह टैंकर करीब 20 लाख बैरल से अधिक कच्चा तेल लेकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहा था, तभी ईरान ने इस पर हमला कर सीधे तौर पर युद्धविराम का उल्लंघन किया।
मिसाइल और रडार ठिकानों पर हमला
इससे पहले शुक्रवार को भी अमेरिका ने ईरान के मिसाइल और रडार ठिकानों को नष्ट किया था, जो कि 25 जून को सिंगापुर के मालवाहक जहाज पर हुए ईरानी हमले का प्रतिशोध था। अमेरिका का कहना है कि उसने ईरान को सुधारने का मौका दिया था, लेकिन उसने तनाव को और बढ़ा दिया।
उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की चेतावनी
इस बीच, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर लिखा कि 'ईरान ने युद्धविराम समझौते पर हस्ताक्षर किए थे और हमने उसका पालन किया। यदि समझौते को लेकर कोई मतभेद था, तो उसे बातचीत से सुलझाया जा सकता था। लेकिन याद रहे, हिंसा का जवाब हमेशा हिंसा से ही दिया जाएगा।'
24 घंटे में दो हमले
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने स्पष्ट किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से व्यापारिक जहाजों की आवाजाही जारी रखने के लिए अमेरिकी सेना पूरी तरह सतर्क है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सक्षम है। हालाँकि, 24 घंटे में हुए इन दो हमलों ने शांति वार्ताओं को प्रभावित किया है।
