क्या अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव एक नए संघर्ष की ओर ले जाएगा?
मध्य पूर्व में तनाव की नई लहर
नई दिल्ली: मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर गंभीर स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिका ने ईरान में ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से संबंधित ठिकानों पर लगातार दूसरे दिन हवाई हमले किए। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उसने जवाबी कार्रवाई की, तो उसे गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ सकता है।
ईरान में धमाकों की गूंज
ईरानी मीडिया के अनुसार, दक्षिणी ईरान के बंदर अब्बास, कशम द्वीप, जास्क और सीरिक में कई धमाकों की आवाजें सुनी गईं। दक्षिण-पूर्वी क्षेत्रों चाबहार और कोनारक में भी कई प्रोजेक्टाइल गिरने की सूचना मिली है। ईरान ने इन हमलों में अपने सैनिकों के मारे जाने की पुष्टि की है। ईरानी अधिकारियों ने अमेरिकी कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि वॉशिंगटन को इसके परिणाम भुगतने होंगे।
होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ता तनाव
अमेरिका का आरोप है कि IRGC होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री बारूदी सुरंगें स्थापित करने की योजना बना रहा था। इसी आधार पर अमेरिकी सेना ने ईरानी रॉकेट लॉन्चरों और अन्य सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इससे पहले, ईरान ने जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों की ओर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं। जॉर्डन ने दावा किया कि उसके हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने वाली आठ मिसाइलों को नष्ट कर दिया गया।
ट्रंप की कड़ी चेतावनी
अमेरिकी हमलों के बाद, ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ईरान को स्पष्ट चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि ईरान ने अमेरिकी कार्रवाई का बदला लेने की कोशिश की, तो अमेरिका पहले से अधिक ताकत के साथ जवाब देगा।
ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि ईरान की ओर से किसी भी जवाबी हमले को अमेरिका गंभीरता से लेगा। उनके बयान से यह स्पष्ट है कि वर्तमान में दोनों देशों के बीच तनाव कम होने के बजाय और बढ़ता दिखाई दे रहा है।
संघर्ष की संभावना
लगातार सैन्य कार्रवाई और जवाबी मिसाइल हमलों ने मध्य पूर्व में बड़े संघर्ष की आशंका को बढ़ा दिया है। विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव का प्रभाव क्षेत्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी पड़ सकता है। आने वाले दिनों में ईरान की प्रतिक्रिया पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी।
