Newzfatafatlogo

क्या अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की स्थिति बन रही है? जानें संभावित हमले की तैयारी

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर से बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सेना ईरान पर हमले की तैयारी कर रही है, जो कि राष्ट्रपति ट्रंप के आदेश के 96 घंटे के भीतर शुरू हो सकता है। इस बीच, इजरायल भी इस स्थिति पर नजर बनाए हुए है। मिडटर्म चुनाव के बाद हमले की मंजूरी की संभावना है, जिससे मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ सकता है। जानें इस जटिल स्थिति के सभी पहलुओं के बारे में।
 | 

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव


नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर से बढ़ता हुआ नजर आ रहा है। एक नई रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सेना ईरान पर संभावित बड़े हमले की योजना बना रही है, और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश के 96 घंटे के भीतर कार्रवाई शुरू की जा सकती है। यह जानकारी 26 अक्टूबर 2026 को दो अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से दी गई है।


हमले के लक्ष्यों की सूची

रिपोर्ट में बताया गया है कि अमेरिका के पास हमले के लिए आवश्यक सैन्य संसाधन पूरी तरह से उपलब्ध हैं। योजना के अनुसार, ईरान के रडार सिस्टम, मिसाइल लॉन्चर और अन्य महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया जा सकता है। इसके अलावा, ऊर्जा से संबंधित ठिकानों और परमाणु केंद्रों को भी संभावित लक्ष्यों में शामिल किया गया है। रडार सिस्टम दुश्मन के विमानों की निगरानी करता है, जबकि मिसाइल लॉन्चर जवाबी हमले की क्षमता प्रदान करते हैं। यदि इन पर हमला किया जाता है, तो ईरान की रक्षा प्रणाली कमजोर हो सकती है।


मिडटर्म चुनाव के बाद संभावित निर्णय

हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप ने अभी तक हमले का अंतिम आदेश नहीं दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ अधिकारियों का मानना है कि ट्रंप साल के अंत से पहले हमले को मंजूरी दे सकते हैं। इसके लिए 3 नवंबर को होने वाले अमेरिकी मिडटर्म चुनाव को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चुनाव के बाद इस पर कोई बड़ा निर्णय लिया जा सकता है। वर्तमान में हमले की कोई निश्चित तारीख नहीं है, और यह केवल अधिकारियों का अनुमान है।


इजरायल की स्थिति

इस घटनाक्रम पर इजरायल भी ध्यान दे रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल के कुछ अधिकारियों को आशंका है कि मिडटर्म चुनाव के बाद ईरान के साथ सैन्य टकराव हो सकता है। यदि अमेरिका हमले की अनुमति देता है, तो इजरायल भी अपनी ओर से कार्रवाई कर सकता है। हालांकि, दोनों देशों की ओर से अभी तक किसी संयुक्त हमले का आधिकारिक ऐलान नहीं किया गया है।


मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव

यदि अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान पर हमला करते हैं, तो मिडिल ईस्ट में तनाव तेजी से बढ़ सकता है। आशंका है कि ईरान जवाबी कार्रवाई में क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैनिकों और सैन्य ठिकानों को निशाना बना सकता है, जिससे संघर्ष और बढ़ सकता है। फिलहाल, सेना की तैयारी और अंतिम आदेश दो अलग-अलग बातें हैं। रिपोर्ट केवल यह बताती है कि आदेश मिलने पर 96 घंटे के भीतर कार्रवाई संभव है, लेकिन यह निश्चित नहीं है कि हमला होगा। सभी की नजर अब राष्ट्रपति ट्रंप के अगले कदम पर है।