क्या अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की स्थिति बन रही है? ट्रंप का नया कदम
तनाव में वृद्धि
नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव में लगातार इजाफा हो रहा है। ईरान द्वारा 7 दिन के सीजफायर प्रस्ताव को अस्वीकार करने के बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐसा कदम उठाया है जो दोनों देशों के बीच युद्ध की संभावना को और बढ़ा सकता है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक नया ग्राफिक मैप साझा किया है, जिसमें उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का नाम बदलकर 'ट्रंप स्ट्रेट' रख दिया है। इस मैप में यह जलमार्ग ईरान और यूएई के बीच दर्शाया गया है।
ट्रंप का पूर्ववर्ती कदम
यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने ऐसा किया है। सितंबर की शुरुआत में भी उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट का नाम अपने नाम पर रखने का सुझाव दिया था और यह दावा किया था कि अब इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर अमेरिका का नियंत्रण है। उस समय भी व्हाइट हाउस ने सोशल मीडिया पर एक नक्शा जारी किया था।
ईरान का प्रस्ताव
वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को एक हफ्ते के लिए फिर से खोलने का प्रस्ताव अमेरिका के समक्ष रखा था, लेकिन ट्रंप ने इसे ठुकरा दिया। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने शुक्रवार को बताया कि तेहरान ने अमेरिका को 7 दिन की योजना दी है। रिपोर्ट में अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि ट्रंप को विश्वास नहीं है कि ईरान उनकी शर्तों का पालन करेगा। उन्होंने अपने सहयोगियों से कहा है कि मध्यावधि चुनावों के बाद ईरान पर नए हमले हो सकते हैं। अमेरिका ने ईरान और मध्यस्थ देशों को स्पष्ट कर दिया है कि राष्ट्रपति की नौसैनिक नाकेबंदी हटाने की कोई योजना नहीं है।
हमलों का इतिहास
यह ध्यान देने योग्य है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान के कई ठिकानों पर हमले शुरू किए थे, जिसके जवाब में ईरान ने भी पलटवार किया। जून के मध्य में दोनों पक्षों के बीच लड़ाई रोकने के लिए एक समझौता हुआ था, लेकिन वह ज्यादा समय तक नहीं टिक सका और फिर से हमले शुरू हो गए। अब अमेरिका ने ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने का निर्णय लिया है, ताकि तेहरान को आर्थिक रूप से कमजोर करके इस टकराव को समाप्त किया जा सके। ट्रंप के नए मैप वाले कदम से यह स्पष्ट है कि आने वाले दिनों में अमेरिका का रुख और अधिक सख्त होने वाला है।
