क्या अमेरिका के बिना भी मजबूत होगा JAI? राजनाथ सिंह का नया सियासी संकेत
नई दिल्ली में राजनाथ सिंह का बड़ा बयान
नई दिल्ली: क्वाड शिखर सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अनुपस्थिति की अटकलों के बीच, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत दिया है। फिलीपींस में आयोजित 13वीं एशियाई रक्षा मंत्रियों की बैठक में भाग लेते हुए, उन्होंने ऑस्ट्रेलिया और जापान के रक्षा मंत्रियों के साथ एक अलग बैठक की और एक तस्वीर साझा कर नया समीकरण प्रस्तुत किया।
राजनाथ सिंह ने ऑस्ट्रेलिया के उप प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्लेस तथा जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइजूमी के साथ एक तस्वीर साझा की। उन्होंने कैप्शन में लिखा- 'JAI: जापान, ऑस्ट्रेलिया, इंडिया'। यह संदेश स्पष्ट है कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र के तीन प्रमुख लोकतंत्र अमेरिका के बिना भी एकजुट हैं।
चीन को सीधा संदेश
फिलीपींस से चीन को सीधा संदेश
राजनाथ ने यह तस्वीर मनीला से साझा की है, जहां चीन के साथ समुद्री सीमा विवाद चल रहा है। भारत पहले ही फिलीपींस को ब्रह्मोस मिसाइल प्रदान कर चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत अब अमेरिका के नेतृत्व वाले क्वाड से अधिक JAI फॉर्मेट पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, ताकि चीन की आक्रामकता का सामना किया जा सके।
JAI: ( Japan, Australia & India)! https://t.co/k2StoTWnNs
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) October 29, 2026
जापान और ऑस्ट्रेलिया दोनों ही प्रशांत क्षेत्र में भारत के विश्वसनीय सहयोगी हैं। भारत इन तीनों देशों के साथ लगातार सैन्य अभ्यास कर रहा है, और अब जापानी सेना भारत में अपने हथियारों का परीक्षण करने की योजना बना रही है।
हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा पर जोर
हिंद-प्रशांत को स्वतंत्र और मुक्त रखने पर जोर
जापानी रक्षा मंत्री के साथ बैठक के बाद, राजनाथ सिंह ने कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र को स्वतंत्र, मुक्त और शांतिपूर्ण बनाए रखना हमारी साझा प्रतिबद्धता है। जापानी मंत्री कोइजूमी ने भी आश्वासन दिया कि टोक्यो रक्षा सहित सभी क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करेगा।
ऑस्ट्रेलिया के रक्षा मंत्री के साथ द्विपक्षीय बैठक में, राजनाथ ने उन्हें एयरो इंडिया-2027 के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने फिर से दोहराया कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा तीनों देशों की प्राथमिकता है। यह बयान चीन के लिए था, जो फिलीपींस, जापान और ऑस्ट्रेलिया के पास युद्धपोत भेजकर दबाव बना रहा है और जापान के द्वीपों पर दावा कर रहा है।
ट्रंप की क्वाड से दूरी
ट्रंप क्यों बना रहे हैं क्वाड से दूरी?
क्वाड शिखर सम्मेलन इस बार भारत में आयोजित होने वाला है, लेकिन ट्रंप की उपस्थिति पर संदेह है। विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप चीन को साधने के लिए G2 यानी अमेरिका-चीन फॉर्मूले पर जोर दे रहे हैं, इसलिए वे क्वाड से दूरी बना रहे हैं। इस स्थिति में, भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया ने क्वाड माइनस वन की रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है, और दुनिया को दिखा दिया है कि अमेरिका के बिना भी JAI मजबूती से आगे बढ़ेगा।
