क्या अमेरिका फिर से ईरान पर करेगा सैन्य कार्रवाई? जानें ताजा हालात
पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर से बढ़ता हुआ नजर आ रहा है। व्हाइट हाउस से मिले हालिया संकेतों ने यह चिंता बढ़ा दी है कि अमेरिका ईरान के खिलाफ एक बार फिर से सैन्य कार्रवाई कर सकता है। होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते हमलों और क्षेत्र में जारी अस्थिरता ने वैश्विक चिंता को और बढ़ा दिया है। ऐसे में कूटनीतिक प्रयासों के साथ-साथ सैन्य विकल्पों पर भी चर्चा हो रही है।
अमेरिका की नई कार्रवाई की संभावना
व्हाइट हाउस ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ नई कार्रवाई पर विचार कर रहे हैं। अमेरिका का कहना है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित और खुला रखने के लिए ईरान पर दबाव बना रहा है, साथ ही पिछले महीने हुए युद्धविराम समझौते का पालन कराने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, शुक्रवार रात को अमेरिका ने ईरान पर किसी नए हमले की पुष्टि नहीं की है, फिर भी क्षेत्र में तनाव कम नहीं हुआ है।
होर्मुज जलडमरूमध्य में टैंकरों पर हमले
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने दावा किया है कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य में दो और तेल टैंकरों को निशाना बनाया है। इसी बीच, कुवैत ने अपने हवाई क्षेत्र में आए ड्रोन को रोकने का भी दावा किया है। इन घटनाओं ने खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। गाजा से भी एक महत्वपूर्ण खबर आई है, जिसमें हमास ने हथियार डालने की इच्छा जताई है, जिसे युद्ध समाप्त करने की दिशा में सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। हालांकि, इस प्रक्रिया में कई राजनीतिक और सुरक्षा संबंधी चुनौतियां अभी भी मौजूद हैं।
युद्धविराम का उल्लंघन
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने ईरान पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि तेहरान ने पिछले महीने अमेरिका के साथ हुए युद्धविराम समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, लेकिन बाद में उसी का उल्लंघन किया। उनका आरोप है कि ईरान ने व्यावसायिक जहाजों पर हमले किए और अमेरिकी सैनिकों को भी निशाना बनाया। लीविट ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप इस तरह की घटनाओं को नजरअंदाज नहीं करेंगे। उनके अनुसार, जब तक ईरान सार्थक बातचीत के लिए तैयार नहीं होता, तब तक उस पर दबाव बनाए रखा जाएगा।
ट्रंप का कड़ा रुख
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि अमेरिका का उद्देश्य इस संघर्ष में अपनी बढ़त बनाए रखना है और यदि जरूरत पड़ी तो ईरान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। मैरीलैंड स्थित कैंप डेविड में मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान ट्रंप ने कहा कि अमेरिका हर जरूरी कदम उठाने के लिए तैयार है। उनके बयान से स्पष्ट संकेत मिला है कि यदि हालात नहीं सुधरे, तो दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ सकता है, जिसका असर पूरे पश्चिम एशिया पर देखने को मिल सकता है।
