क्या अमेरिका में गृह युद्ध की आहट? ईरान युद्ध से बढ़ती महंगाई का असर
ट्रंप की मुश्किलें बढ़ीं
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए हालात अब चुनौतीपूर्ण होते जा रहे हैं। ईरान के साथ बढ़ते तनाव के कारण ऐसा प्रतीत हो रहा है कि यह स्थिति अमेरिका में गृह युद्ध का कारण बन सकती है। मध्य पूर्व में युद्ध की गतिविधियाँ फिर से तेज हो गई हैं, और अमेरिका तथा ईरान के बीच हमलों का सिलसिला लगातार जारी है। इस बीच, कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में भी वृद्धि देखी जा रही है। ईरान के साथ युद्ध केवल अन्य देशों के लिए ही नहीं, बल्कि अमेरिका के लिए भी एक बड़ी समस्या बनता जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप अमेरिकी नागरिकों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
महंगाई दर में वृद्धि
मई में अमेरिका में महंगाई दर के आंकड़े ट्रंप के लिए चिंता का विषय बन गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका में महंगाई दर 4.2% तक पहुँच गई है, जो कि पिछले तीन वर्षों में सबसे अधिक है। यह वृद्धि मुख्यतः मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के कारण पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में वृद्धि के कारण हुई है। अमेरिकी श्रम सांख्यिकी ब्यूरो ने बताया कि यह आंकड़ा अप्रैल 2023 के 3.8% से बढ़कर आया है।
अमेरिकियों की बचत पर संकट
महंगाई की यह दर इकोनॉमिस्ट के अनुमानों के अनुरूप है, और यह लगातार तीसरे महीने में बढ़ी है, जिससे अमेरिकी परिवारों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। कई लोग अब अपने खर्चों को पूरा करने के लिए अपनी बचत का सहारा ले रहे हैं। यह लगातार दूसरा महीना है जब महंगाई दर वेतन वृद्धि से अधिक रही है, जिससे आर्थिक विकास पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
शेयर बाजार में गिरावट
ईरान के साथ युद्ध ने वैश्विक तनाव को बढ़ा दिया है, और कच्चे तेल की कीमतें फिर से बढ़ने लगी हैं। खबर लिखे जाने तक, कच्चा तेल 95 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। इस बीच, अमेरिका में महंगाई के प्रभाव ने शेयर बाजार को भी प्रभावित किया है। अमेरिकी महंगाई के आंकड़े आने के बाद, डॉव जोन्स में 953 अंकों की गिरावट आई।
ट्रंप की राजनीतिक स्थिति पर प्रभाव
अमेरिका में बढ़ती महंगाई राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी रिपब्लिकन पार्टी के लिए एक राजनीतिक चुनौती बनती जा रही है। नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों में कांग्रेस पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए उन्हें यह समस्या सुलझानी होगी। ट्रंप ने 2024 के राष्ट्रपति चुनाव के दौरान महंगाई को कम करने का वादा किया था, और यह उनके लिए एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है।
