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क्या अमेरिका में ट्रंप की युद्ध शक्तियों पर लगाम लगेगी? जानें पूरी कहानी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ युद्ध की संभावनाओं पर रोक लगाने का दावा किया है। अमेरिकी हाउस ने उनके युद्ध शक्तियों पर रोक लगाई है, जिससे ट्रंप को एक बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। इस प्रस्ताव में ट्रंप को निर्देश दिया गया है कि वह ईरान से अमेरिकी सैनिकों को वापस बुलाएं। यह मतदान ट्रंप प्रशासन के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत है, क्योंकि रिपब्लिकन पार्टी में भी असहमतियाँ बढ़ रही हैं। जानें इस मुद्दे पर और क्या हो रहा है और ट्रंप को क्या संदेश दिया गया है।
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क्या अमेरिका में ट्रंप की युद्ध शक्तियों पर लगाम लगेगी? जानें पूरी कहानी

ट्रंप का ईरान पर युद्ध का दावा


अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बार-बार कहा है कि वह ईरान के खिलाफ पूर्ण युद्ध की शुरुआत तब तक नहीं करेंगे जब तक कोई अमेरिकी सैनिक हताहत नहीं होता। यह बयान तब आया है जब अमेरिकी हाउस ने उनकी युद्ध शक्तियों पर रोक लगा दी है, जिसका अर्थ है कि वह ईरान में सैन्य कार्रवाई जारी नहीं रख पाएंगे और नए हमलों का आदेश नहीं दे सकेंगे। यह ट्रंप के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, एक अधिकारी ने बताया कि ट्रंप ने अपने करीबी सहयोगियों से कहा है कि यदि तेहरान अमेरिकी सैनिकों को नुकसान पहुंचाता है, तो वह ईरान के साथ संघर्ष विराम समाप्त करने पर विचार करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि लगातार हिंसक घटनाओं के बावजूद हवाई हमलों पर रोक लगी हुई है।


रिपब्लिकन सांसदों का समर्थन

अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स ने बुधवार को एक प्रस्ताव पारित किया, जिसमें राष्ट्रपति की युद्ध शक्तियों को सीमित किया गया। यह प्रस्ताव 215 के मुकाबले 208 वोटों से पास हुआ। दिलचस्प बात यह है कि ट्रंप की अपनी पार्टी के चार सांसदों ने भी डेमोक्रेट्स का समर्थन किया। इस प्रस्ताव में ट्रंप को निर्देश दिया गया है कि वह ईरान से अमेरिकी सैनिकों को वापस बुलाएं, जब तक कि कांग्रेस औपचारिक रूप से युद्ध की घोषणा न करे या सैन्य कार्रवाई की अनुमति न दे। हालांकि, इसे कानून बनने के लिए अमेरिकी सीनेट से भी मंजूरी की आवश्यकता है।


पार्टी में बढ़ती असहमति

यह मतदान ट्रंप प्रशासन के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत है। ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान को लेकर अब रिपब्लिकन पार्टी में असहजता बढ़ रही है। पहले ऐसे तीन प्रस्ताव हाउस में असफल हो चुके थे, लेकिन हर बार समर्थन बढ़ता गया। पिछले महीने, रिपब्लिकन नेतृत्व ने इस प्रस्ताव पर मतदान टाल दिया था क्योंकि इसके पास होने की संभावना बढ़ गई थी। इसी बीच, सीनेट में भी इसी तरह का एक प्रस्ताव आगे बढ़ चुका है, हालांकि अंतिम मतदान की तारीख अभी तय नहीं हुई है। डेमोक्रेट सांसदों का कहना है कि अमेरिकी संविधान के अनुसार युद्ध की घोषणा का अधिकार केवल कांग्रेस के पास है।


ट्रंप को स्पष्ट संदेश

प्रस्ताव के प्रायोजक और हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी के वरिष्ठ डेमोक्रेट सदस्य ग्रेगरी मीक्स ने कहा कि यह वोट एक महत्वपूर्ण मोड़ है। उनके अनुसार, अब अधिक रिपब्लिकन सांसद अपने मतदाताओं की उस भावना को समझ रहे हैं, जो मध्य पूर्व में एक और लंबी जंग नहीं चाहते। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकना अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक है। हालांकि, रिपब्लिकन समर्थक इस प्रस्ताव को डेमोक्रेट्स की राजनीतिक रणनीति मानते हैं। इसके बावजूद, हाउस में मिली मंजूरी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि ईरान युद्ध को लेकर वॉशिंगटन में राजनीतिक सहमति कमजोर पड़ रही है।