क्या इजरायल ने आसिम मुनीर की हत्या की साजिश रची? पेपे एस्कोबार का सनसनीखेज दावा
सियासी हलचल: पेपे एस्कोबार का दावा
नई दिल्ली: ब्राजील के पत्रकार और जियो-स्ट्रैटेजिक विशेषज्ञ पेपे एस्कोबार के हालिया बयान ने पाकिस्तान और ईरान में राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। एस्कोबार ने आरोप लगाया है कि इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद ने पाकिस्तान के आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और उनके साथियों की हत्या की योजना बनाई थी। यह कथित ऑपरेशन स्विट्जरलैंड के जिनेवा में ईरान शांति वार्ता के दौरान होने वाला था।
पाकिस्तान की मध्यस्थता की कोशिश
पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता करने का प्रयास कर रहा है। इस संबंध में एक प्रारंभिक समझौते को 'इस्लामाबाद मेमोरैंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग' नाम दिया गया है। जिनेवा में इस पर आगे की बातचीत हुई, जिसमें अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस सहित कई प्रमुख अधिकारी शामिल थे।
पॉडकास्ट में सनसनीखेज खुलासा
आसिम मुनीर की हत्या की साजिश का यह दावा ब्राजील के खोजी पत्रकार पेपे एस्कोबार ने मारियो नवाफल के पॉडकास्ट में किया। नवाफल एक राजनीतिक टिप्पणीकार और इंटरनेट पर्सनैलिटी हैं। एस्कोबार ने कहा कि पाकिस्तानी मिलिट्री इंटेलिजेंस को विश्वसनीय जानकारी मिली थी कि मोसाद जिनेवा में उच्च स्तरीय वार्ता के दौरान मुनीर और उनके डेलिगेशन के अन्य सदस्यों को निशाना बनाने की योजना बना रहा था।
इजरायल की प्रतिक्रिया
इजरायली नेताओं ने ईरान-अमेरिका शांति समझौते की आलोचना की है, यह कहते हुए कि उन्हें इसमें शामिल नहीं किया गया। लेबनान में इजरायल के सैन्य ऑपरेशन से भी इस समझौते के टूटने का खतरा बताया गया है। इजरायल ने कहा है कि वह हिजबुल्लाह के खतरे के कारण लेबनान में अपने ऑपरेशन को नहीं रोकेगा।
पाकिस्तान का कड़ा संदेश
एस्कोबार ने कहा, "पाकिस्तानी सेना को पुख्ता सूचना मिली थी कि नेतन्याहू के आदेश पर मोसाद आसिम मुनीर और उनके डेलिगेशन की हत्या की योजना बना रहा था।" उन्होंने बताया कि इस जानकारी के बाद पाकिस्तान ने ओमान के माध्यम से इजरायल को एक सीधा संदेश भेजा, जिसमें कहा गया, 'अगर तुमने हमारे प्रतिनिधिमंडल को छुआ, तो हम तुम्हें नक्शे से मिटा देंगे।' पाकिस्तान एकमात्र इस्लामिक देश है जिसके पास परमाणु हथियार हैं।
दावे की पुष्टि का अभाव
हालांकि एस्कोबार के दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है, न ही पाकिस्तान और न ही इजरायल सरकार ने इसे मान्यता दी है। इस दावे के समर्थन में कोई ठोस सबूत भी सामने नहीं आया है। आसिम मुनीर उस डेलिगेशन का हिस्सा थे जो प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के नेतृत्व में वाशिंगटन और तेहरान के बीच तनाव कम करने की कोशिश कर रहा था। हालांकि, पाकिस्तानी पत्रकारों ने एस्कोबार के दावे को तथ्यहीन बताया है।
