क्या ईरान का सैन्य नेतृत्व खत्म हो चुका है? ट्रंप के दावे पर बढ़ी बहस
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव
नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव में वृद्धि के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक विवादास्पद बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान का शीर्ष सैन्य नेतृत्व लगभग समाप्त हो चुका है। ट्रंप ने यह भी कहा कि अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे, मोजतबा खामेनेई, जिन्हें उनके उत्तराधिकारी के रूप में देखा जा रहा था, भी '90 प्रतिशत खत्म' हो चुके हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
ट्रंप के दावे का विवरण
ट्रंप ने क्या कहा?
एक साक्षात्कार में, ट्रंप ने कहा कि हाल के अमेरिकी और इजरायली हमलों ने ईरान की सैन्य क्षमताओं को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। उनके अनुसार, ईरान की नौसेना, वायुसेना और हवाई सुरक्षा प्रणाली काफी कमजोर हो गई है। ट्रंप ने यह भी कहा कि कई प्रमुख सैन्य नेता मारे जा चुके हैं।
मोजतबा खामेनेई पर ट्रंप का दावा
मोजतबा खामेनेई को लेकर बड़ा दावा
ट्रंप ने यह भी कहा कि मोजतबा खामेनेई गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि एक हवाई हमले में घायल होने के कारण मोजतबा अपने पिता के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सके। हालांकि, इस पर किसी स्वतंत्र या आधिकारिक स्रोत से पुष्टि नहीं हुई है।
अमेरिका का नया ऐलान
होर्मुज को लेकर अमेरिका का नया ऐलान
राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका एक बार फिर ईरान पर समुद्री नाकेबंदी लागू करेगा। इसके साथ ही, उन्होंने घोषणा की कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए शुल्क लिया जाएगा। ट्रंप का कहना है कि यह व्यवस्था क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा बनाए रखने के लिए आवश्यक है।
ईरान की प्रतिक्रिया
ईरान ने किया पलटवार
ट्रंप के बयानों पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य का वास्तविक रक्षक हमेशा से ईरान रहा है। उन्होंने अमेरिका द्वारा प्रस्तावित 20 प्रतिशत शुल्क को अनुचित बताते हुए इसका विरोध किया।
बढ़ता तनाव
बढ़ता जा रहा है तनाव
हाल के दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच लगातार सैन्य कार्रवाई और तीखी बयानबाजी देखने को मिली है। दोनों देशों के बीच बढ़ता तनाव पूरे मध्य पूर्व की सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। ऐसे में आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में जाएंगे, इस पर दुनिया की नजर बनी हुई है।
