क्या ईरान के पूर्व राष्ट्रपति को इजरायल ने बनाया था गुप्त एजेंट?
नई दिल्ली में चौंकाने वाला खुलासा
नई दिल्ली: इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद और ईरान के पूर्व राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद के बीच एक रहस्यमय संबंध का खुलासा हुआ है। एक प्रमुख समाचार पत्र की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल ने कई वर्षों तक अहमदीनेजाद के साथ गुप्त संपर्क बनाए रखने का प्रयास किया और उन्हें भविष्य में ईरान के संभावित नेता के रूप में तैयार करने की योजना बनाई। हालांकि, इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
गुप्त मुलाकात का आयोजन
रिपोर्ट में कहा गया है कि 2024 में हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट में आयोजित एक विश्वविद्यालय सम्मेलन को इस गुप्त मुलाकात के लिए माध्यम बनाया गया। इस कार्यक्रम के दौरान अहमदीनेजाद और इजरायली खुफिया अधिकारियों के बीच बातचीत हुई। उल्लेखनीय है कि उस समय मोसाद के प्रमुख डेविड बार्निया भी हंगरी में मौजूद थे।
खुफिया मुलाकात का उद्देश्य
अमेरिकी और ईरानी अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि इजरायल लंबे समय से अहमदीनेजाद को अपने प्रभाव में लाने की कोशिश कर रहा था। इसके लिए विदेश यात्रा और अन्य व्यवस्थाओं में सहायता की गई। इसका मुख्य उद्देश्य ईरान में सत्ता परिवर्तन की संभावित स्थिति में अहमदीनेजाद को एक प्रमुख भूमिका में लाना था।
अहमदीनेजाद की सुरक्षा स्थिति
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि फरवरी 2026 में ईरान पर हुए हमलों के दौरान अहमदीनेजाद को सुरक्षित स्थान पर ले जाने का प्रयास किया गया था। हालांकि, यह योजना सफल नहीं हो सकी और बाद में वे उस सुरक्षित स्थान से बाहर निकल गए। इसके बाद उनकी सार्वजनिक उपस्थिति काफी सीमित हो गई। कुछ ईरानी अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान में अहमदीनेजाद को इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की निगरानी में रखा गया है।
हालांकि, इस संबंध में भी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इस पूरे घटनाक्रम पर इजरायली सरकार, मोसाद और महमूद अहमदीनेजाद की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, जिससे रिपोर्ट में किए गए दावों की स्वतंत्र रूप से सत्यापन नहीं किया जा सका है।
