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क्या कतर का नया शांति प्रस्ताव अमेरिका-ईरान तनाव को कम कर पाएगा?

कतर ने अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को कम करने के लिए एक नया शांति प्रस्ताव पेश किया है। इस प्रस्ताव में 7 दिन का एक रोडमैप शामिल है, जिसमें दोनों देशों के बीच विश्वास बहाल करने के लिए कदम उठाए जाएंगे। इस बीच, अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर हमले की धमकियों के बीच यह प्रस्ताव आया है। क्या यह पहल युद्ध को टालने में सफल होगी? जानें इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर पूरी जानकारी।
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खाड़ी में शांति की नई कोशिश


नई दिल्ली: खाड़ी क्षेत्र में संभावित संघर्ष के बीच, कतर ने एक नई शांति पहल की शुरुआत की है। कतर के मध्यस्थों ने ईरान को एक नया शांति प्रस्ताव प्रस्तुत किया है, जिसमें अमेरिका और ईरान के बीच विश्वास बहाल करने के लिए 7 दिन का स्पष्ट रोडमैप तैयार किया गया है। इस बातचीत से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि ईरान इस सप्ताह के अंत तक इस प्रस्ताव पर अपनी प्रतिक्रिया देगा।


इस प्रस्ताव के अनुसार, अगले सप्ताह से रोजाना विश्वास बढ़ाने के कदम उठाए जाएंगे। एक दिन तेहरान कोई कदम उठाएगा और अगले दिन वॉशिंगटन को जवाब देना होगा। इस तरह, 7 दिनों के भीतर दोनों देशों की प्रमुख चिंताओं को हल करने का प्रयास किया जाएगा। बताया जा रहा है कि इस डील की गारंटी कई प्रमुख देश मिलकर दे सकते हैं।


ट्रंप और नेतन्याहू की धमकियों के बीच शांति प्रस्ताव

ट्रंप और नेतन्याहू की धमकियों के बीच आया प्रस्ताव


यह प्रस्ताव उस समय आया है जब अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर नए हमले की चर्चा तेज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को ईरान पर हमले की धमकी दी थी। वहीं, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के भी इस सप्ताह हमले का आदेश देने की संभावना जताई जा रही है। नेतन्याहू इस समय चुनावी दौड़ में हैं और एक और कार्यकाल के लिए प्रयासरत हैं। सूत्रों के अनुसार, कतर और पाकिस्तान इस शांति मिशन में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं और पर्दे के पीछे लगातार बातचीत कर रहे हैं।


ईरान की चेतावनी

ईरान ने दी समुंद्री केबल काटने की चेतावनी


दूसरी ओर, ईरान ने भी पलटवार की तैयारी कर रखी है। ईरानी सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि यदि अमेरिका और इजरायल ने फिर से हमला किया, तो ईरान फारस की खाड़ी में समुद्र के नीचे बिछी इंटरनेट केबलों को निशाना बनाएगा। इससे वैश्विक इंटरनेट और बैंकिंग प्रणाली प्रभावित हो सकती है। उल्लेखनीय है कि जून में भी एक अंतरिम समझौता हुआ था, लेकिन वह कुछ ही दिनों में टूट गया था। अब कतर का यह 7 दिन का नया फॉर्मूला देखना होगा कि क्या यह युद्ध को टालने में सफल होता है या नहीं।