क्या पाकिस्तान के राफेल विमानों पर दावे सच हैं? भारतीय वायुसेना ने खोली पोल
पाकिस्तान के दावों पर भारतीय वायुसेना का नया खुलासा
नई दिल्ली: भारतीय वायुसेना (IAF) के हालिया दस्तावेज ने पाकिस्तान द्वारा राफेल लड़ाकू विमानों के संबंध में किए गए दावों पर नई बहस को जन्म दिया है। पाकिस्तान ने पहले यह दावा किया था कि उसने भारतीय वायुसेना के कुछ राफेल विमानों को एक सैन्य ऑपरेशन के दौरान नष्ट कर दिया था। लेकिन भारतीय वायुसेना के नए टेंडर दस्तावेज ने इन सभी दावों को झूठा साबित कर दिया है।
IAF के टेंडर में क्या जानकारी है?
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, भारतीय वायुसेना ने हाल ही में राफेल विमानों के लिए एक "ब्रिज सपोर्ट पैकेज" से संबंधित प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं। इस दस्तावेज में 36 राफेल विमानों के बेड़े के लिए रखरखाव, तकनीकी सहायता और लॉजिस्टिक सपोर्ट की आवश्यकता का उल्लेख किया गया है। यह संख्या उसी संख्या के बराबर है, जो भारत ने 2016 में फ्रांस के साथ समझौते के तहत खरीदी थी।
विमानों के संचालन के लिए योजना
दस्तावेज के अनुसार, सितंबर 2026 के बाद भी विमानों के संचालन को सुचारु बनाए रखने के लिए पांच महीने की अंतरिम सहायता व्यवस्था की योजना बनाई गई है। इस अवधि में हजारों उड़ान घंटों का अनुमान भी लगाया गया है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि विमानों की संख्या कम होती, तो रखरखाव की मांग भी उसी के अनुसार होती।
विवाद की शुरुआत
राफेल विमानों के संबंध में विवाद तब शुरू हुआ जब भारत ने आतंकवाद विरोधी अभियान के तहत कार्रवाई की। पाकिस्तान ने कई दावे किए और सोशल मीडिया पर भारतीय विमानों को नुकसान पहुंचाने के वीडियो और तस्वीरें साझा कीं। हालांकि, भारत ने इन दावों को खारिज कर दिया था।
114 अतिरिक्त विमानों की खरीद की योजना
इस बीच, भारत अपने वायुसेना बेड़े को और मजबूत करने की दिशा में भी कदम बढ़ा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, 114 अतिरिक्त राफेल लड़ाकू विमानों की संभावित खरीद पर चर्चा चल रही है। यदि यह योजना आगे बढ़ती है, तो भारतीय वायुसेना की क्षमता में और वृद्धि हो सकती है। हालिया दस्तावेज ने राफेल विमानों की संख्या और उनकी परिचालन स्थिति को लेकर चर्चाओं को एक नया मोड़ दिया है।
