क्या भारत में ईरानी तेल की वापसी संभव है?
ईरान के ऊर्जा मंत्री का भारत दौरा
क्या भारत में ईरानी तेल फिर से आ सकता है? ईरान के ऊर्जा मंत्री मोहसीन पाक निजाद हाल ही में भारत आए हैं और उन्होंने महत्वपूर्ण बयान दिए हैं। उन्होंने संकेत दिया है कि ईरान भारत के साथ तेल, गैस और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार है। दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश के अवसरों पर भी चर्चा चल रही है। ईरान इस समय ब्रिक्स देशों के ऊर्जा मंत्रियों की बैठक में भाग लेने आया है, लेकिन असली बातचीत द्विपक्षीय वार्ताओं में हो रही है। इस संभावित नई डील को समझने के लिए हमें उस समय में लौटना होगा जब ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंध नहीं थे। 2018-19 से पहले, ईरान भारत को कच्चा तेल सप्लाई करने वाला दूसरा सबसे बड़ा देश था।
भारत और ईरान के बीच व्यापारिक संबंध
भारत ने ईरान से तेल खरीदने के लिए एक विशेष व्यवस्था बनाई थी, जिसमें 45% भुगतान भारतीय रुपये में किया जाता था। इसके लिए एक बैंक में ईरान का विशेष खाता खोला गया था। इसके बदले में भारत को बासमती चावल, गेहूं, चीनी और दवाइयां मिलती थीं। इस व्यवस्था से भारत का पैसा फिर से भारतीय किसानों और व्यापारियों के पास लौट आता था। इसके अलावा, ईरान ने भारतीय रिफाइनरीज को मुफ्त में समुद्री जहाज और बीमा की सुविधा भी दी थी।
ईरान के साथ संभावित नई डील
ट्रंप प्रशासन के कड़े प्रतिबंधों के कारण भारत को ईरान से तेल आयात रोकना पड़ा था। वर्तमान में, ईरान को 60 दिनों की छूट मिली हुई है, जिसके तहत वह अपना तेल बेच सकता है। ईरान के मंत्री ने बताया कि यह छूट अमेरिकियों के साथ हुए समझौते पर आधारित है। हालांकि, भारत का तेल बाजार पिछले कुछ वर्षों में बदल चुका है, और अब भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा रूस से खरीद रहा है।
