क्या मक्का पर हमला हुआ? सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच बढ़ता तनाव
मक्का तक पहुंचा संघर्ष
नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष ने अब इस्लाम के सबसे पवित्र स्थल मक्का को भी प्रभावित किया है। सऊदी अरब और यमन के बीच यह टकराव अब एक गंभीर मोर्चा बन चुका है, जिससे वैश्विक मुस्लिम समुदाय में चिंता की लहर दौड़ गई है। सऊदी अरब ने आरोप लगाया है कि मक्का को निशाना बनाने का प्रयास किया गया, जबकि हूती विद्रोही इस दावे को खारिज कर रहे हैं।
सऊदी गठबंधन का दावा
यमन में सक्रिय हूती विद्रोहियों के खिलाफ लड़ाई कर रहे सऊदी-नेतृत्व वाले गठबंधन ने बुधवार को बताया कि उसने मक्का की ओर बढ़ रहे एक दुश्मन ड्रोन को नष्ट कर दिया। गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मलिकी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर जानकारी दी कि रॉयल सऊदी एयर डिफेंस ने इस ड्रोन को मक्का के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में घुसने से पहले ही मार गिराया। दूसरी ओर, समाचार एजेंसी एएफपी के अनुसार, एक हूती अधिकारी ने कहा कि सऊदी अरब का यह दावा निराधार है और मक्का पर कोई हमला नहीं हुआ।
OIC की कड़ी प्रतिक्रिया
इस्लामिक देशों के संगठन OIC ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। संगठन ने मक्का और मदीना क्षेत्र पर हुए हमले को 'घिनौना' करार देते हुए हूती गुट की बढ़ती आक्रामकता की निंदा की।
अमेरिका की यात्रा चेतावनी
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए यात्रा एडवाइजरी जारी की है। इसमें सऊदी अरब जाने की योजना बना रहे लोगों से यात्रा को टालने या पुनर्विचार करने की सलाह दी गई है।
सुरक्षा अलर्ट और सायरन
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, तुर्की अल-मलिकी ने बताया कि इस्लाम के दो सबसे पवित्र स्थलों और वहां के तीर्थयात्रियों की सुरक्षा एक 'रेड लाइन' है, जिस पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। गठबंधन ने जरूरत पड़ने पर हूतियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।
गौरतलब है कि मंगलवार को सऊदी अरब ने मक्का सहित कई शहरों में सुरक्षा अलर्ट जारी किया था, और मक्का में पहली बार हवाई हमले का सायरन बजाया गया। मक्का, जो हज यात्रा का केंद्र है और इस्लाम के पांच स्तंभों में से एक माना जाता है, अब ईरान-समर्थित हूती लड़ाकों के निशाने पर है। प्रवक्ता के अनुसार, यह मक्का को निशाना बनाने का दूसरा प्रयास है, इससे पहले जुलाई 2017 में भी एक बैलिस्टिक मिसाइल दागी गई थी।
