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गाजा में शांति प्रयासों पर नेतन्याहू और म्लादेनोव की बैठक

गाजा में शांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और शांति बोर्ड के उच्च प्रतिनिधि निकोले म्लादेनोव ने निरस्त्रीकरण समझौते पर चर्चा की। इस बैठक में गाजा पट्टी में इजराइल के हमलों को रोकने और नागरिक प्रशासन की स्थापना के उद्देश्य पर भी बात की गई। समझौते के तहत सभी पक्षों की जिम्मेदारियों को स्पष्ट किया गया है। जानें इस बैठक के प्रमुख बिंदुओं के बारे में।
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गाजा में शांति की दिशा में कदम

यरुशलम, चार अगस्त - गाजा में युद्ध के बाद की स्थिति की निगरानी कर रहे शांति बोर्ड के एक प्रतिनिधि ने सोमवार को इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात की। इस बैठक में एक नए निरस्त्रीकरण समझौते पर चर्चा की गई, जिस पर शांति बोर्ड ने हमास के साथ बातचीत के दौरान सहमति बनाई थी। शांति बोर्ड ने बताया कि गाजा के लिए उच्च प्रतिनिधि निकोले म्लादेनोव ने प्रधानमंत्री और उनकी टीम के साथ 'रचनात्मक और विस्तृत' चर्चा की।


बयान में कहा गया, 'हमारा उद्देश्य स्पष्ट है और इस पर कोई संदेह नहीं है। गाजा पट्टी में पूर्ण निरस्त्रीकरण करना और बंदूक के बल पर शासन के बजाय नागरिक प्रशासन की स्थापना करना हमारा लक्ष्य है।' बैठक से जुड़े दो सूत्रों के अनुसार, म्लादेनोव ने नेतन्याहू से गाजा पट्टी में इजराइल के हमलों को रोकने का आग्रह किया। म्लादेनोव और उनकी टीम इजराइल पर गाजा में हमलों को रोकने का दबाव बना रही है ताकि हमास के पास मौजूद हथियारों को निष्क्रिय करने के लिए समझौते को आगे बढ़ाया जा सके।


म्लादेनोव की टीम में वरिष्ठ सलाहकार आर्ये लाइटस्टोन भी शामिल हैं। हमास ने सोमवार को एक बयान में कहा कि वह और फलस्तीन के विभिन्न गुट 'युद्धविराम समझौते के दूसरे चरण को लागू करने के लिए सहमति पर कायम हैं, जिसमें सभी पक्षों की जिम्मेदारियां शामिल हैं।' बयान में यह भी कहा गया है कि समूह युद्धविराम पर बनी सहमति के लिए म्लादेनोव और मध्यस्थों से 'स्पष्ट और आधिकारिक जवाब' की प्रतीक्षा कर रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले वर्ष हुए व्यापक युद्धविराम समझौते के तहत इस नए समझौते की घोषणा की थी।


समझौते में इजराइल से अपने सैन्य अभियान को रोकने और गाजा में हमास तथा उसके सहयोगियों से सभी उग्रवादी गतिविधियों को समाप्त करने की बात की गई है। समझौते में यह भी स्पष्ट किया गया है कि हथियार हटाने की प्रक्रिया कैसे लागू की जाएगी। समझौते का मसौदा सार्वजनिक होने के बाद इजराइल ने सुरक्षा को लेकर 'गंभीर चिंताओं' का उल्लेख किया है और इन्हें अमेरिका के साथ साझा किया है।