ग्वादर में आत्मघाती हमले से हड़कंप: बलूच लिबरेशन आर्मी का दावा
पाकिस्तान के बलूचिस्तान में बड़ा हमला
नई दिल्ली: पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत से एक बार फिर से हिंसा की गंभीर घटना सामने आई है। प्रतिबंधित अलगाववादी समूह बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने ग्वादर जिले के जीवानी में पाकिस्तान कोस्ट गार्ड्स के एक महत्वपूर्ण कैंप पर आत्मघाती हमले की जिम्मेदारी ली है। संगठन का दावा है कि इस हमले में 30 से अधिक सुरक्षाकर्मी मारे गए हैं और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हालांकि, पाकिस्तानी अधिकारियों ने अभी तक हताहतों की संख्या की पुष्टि नहीं की है.
हमले का विवरण
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों और 'द बलूचिस्तान पोस्ट' के अनुसार, यह हमला जीवानी के पनवान क्षेत्र में स्थित कोस्ट गार्ड्स की छावनी पर हुआ। BLA के प्रवक्ता जीयंद बलोच ने बताया कि इस ऑपरेशन को उनकी विशेष सुसाइड यूनिट 'माजिद ब्रिगेड' ने अंजाम दिया।
जानकारी के अनुसार, एक आत्मघाती हमलावर ने बारूद से भरे एक भारी वाहन को कोस्ट गार्ड्स कैंप के मुख्य द्वार से टकरा दिया, जिससे एक शक्तिशाली विस्फोट हुआ। इसके बाद, संगठन के 'फतेह स्क्वाड' के हथियारबंद लड़ाकों ने कैंप में घुसपैठ की और बचे हुए सैनिकों पर गोलीबारी शुरू कर दी। BLA का दावा है कि इस हमले में कोस्ट गार्ड्स का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह से नष्ट हो गया है.
भू-राजनीतिक महत्व
ग्वादर जिला पाकिस्तान और चीन के लिए भू-राजनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यहां चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) के तहत अरबों डॉलर की लागत से एक मेगा पोर्ट प्रोजेक्ट चल रहा है। बलूच विद्रोही इस क्षेत्र में चीनी निवेश और पाकिस्तानी सेना की उपस्थिति का विरोध कर रहे हैं.
अलगाववाद का संकट
बलूचिस्तान, क्षेत्रफल के हिसाब से पाकिस्तान का सबसे बड़ा प्रांत है, लेकिन जनसंख्या के मामले में यह सबसे छोटा और आर्थिक रूप से पिछड़ा है। BLA जैसे अलगाववादी समूह कई दशकों से इस क्षेत्र की स्वायत्तता और स्थानीय बलूच लोगों के प्राकृतिक संसाधनों पर नियंत्रण की मांग कर रहे हैं। हाल के महीनों में, इन उग्रवादी संगठनों के हमलों में तेजी आई है, जिससे ग्वादर और उसके आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं.
