चीन का परमाणु हथियार कार्यक्रम: नए निर्माण और विस्तार की गतिविधियाँ
चीन में परमाणु हथियारों का विस्तार
चीन अपने परमाणु हथियार कार्यक्रम से संबंधित ढांचे का विकास कर रहा है, जो देश के विभिन्न हिस्सों में फैला हुआ है। हाल ही में, द टेलीग्राफ ने सैटेलाइट चित्रों और विशेषज्ञों के विश्लेषण के आधार पर बताया कि पिंगटोंग, ज़िटोंग, लोप नूर, जिउक्वान, मियानयांग, जिंटा और गुआंगयुआन में गतिविधियाँ देखी गई हैं। यह निर्माण कार्य ऐसे समय में हो रहा है जब चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग वाशिंगटन में हैं और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ बातचीत करने वाले हैं। शी जिनपिंग ने कहा कि चीन और अमेरिका को एक-दूसरे के प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि साझेदार होना चाहिए।
सैटेलाइट तस्वीरों से क्या जानकारी मिलती है?
रिपोर्ट के अनुसार, सैटेलाइट तस्वीरों में चीन के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े सात स्थानों पर निर्माण और उन्नयन का कार्य स्पष्ट है। पिंगटोंग में विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्माण प्लूटोनियम पिट्स बनाने वाली सुविधाओं से संबंधित है। सिचुआन प्रांत के ज़िटोंग में नए बंकर और अन्य संरचनाओं का निर्माण हो रहा है। लोप नूर और जिउक्वान की साइटें चीन के न्यूक्लियर परीक्षण और सैन्य कार्यक्रम से जुड़ी हैं, जबकि मियानयांग में महत्वपूर्ण न्यूक्लियर रिसर्च सुविधाएँ मौजूद हैं।
चीन का न्यूक्लियर जखीरा
फेडरेशन ऑफ अमेरिकन साइंटिस्ट्स (FAS) के अनुसार, चीन के पास लगभग 620 न्यूक्लियर वॉरहेड हैं, जो इसे न्यूक्लियर हथियार रखने वाले देशों में तीसरा सबसे बड़ा बनाता है। हालांकि, यह संख्या यह नहीं दर्शाती कि सभी वॉरहेड तुरंत उपयोग के लिए तैयार हैं। FAS का कहना है कि अधिकांश वॉरहेड उनके डिलीवरी सिस्टम से अलग रखे गए हैं।
क्या चीन और अधिक परमाणु मिसाइलें बना रहा है?
2026 FAS न्यूक्लियर नोटबुक के अनुसार, चीन अपनी ज़मीन-आधारित परमाणु ताकत को बढ़ा रहा है। देश सॉलिड-फ्यूल इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलों के लिए नए साइलो क्षेत्रों पर काम कर रहा है और अपनी लिक्विड-फ्यूल वाली DF-5 ICBMs के लिए भी अतिरिक्त साइलो बना रहा है। FAS का कहना है कि चीन नए ICBM वेरिएंट और अन्य उन्नत रणनीतिक डिलीवरी सिस्टम विकसित कर रहा है।
