चीन की ताइवान में राजनीतिक हस्तक्षेप की कोशिशें बढ़ी
चीन की रणनीति पर एलेक्स हुआंग की चेतावनी
नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (NSC) के सलाहकार एलेक्स हुआंग ने बताया कि चीन ताइवान को कमजोर करने के लिए चरमपंथियों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में शामिल करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि चीन ताइवान में पहले से मौजूद राजनीतिक मतभेदों का लाभ उठाते हुए इस दिशा में कदम बढ़ा रहा है। हुआंग ने चेतावनी दी कि यदि एक या दो चरमपंथी नेता चुनाव जीतते हैं, तो इससे ताइवानी समाज में और अधिक विभाजन हो सकता है, जिससे आम सहमति बनाना कठिन हो जाएगा। उन्होंने कहा, "चीन का उद्देश्य ताइवान को कमजोर करना है।"
हुआंग ने एक विशेष साक्षात्कार में कहा कि यदि चीन राजनीतिक विवादों के माध्यम से ताइवान के समाज को विभाजित कर सकता है, तो उसे सैन्य कार्रवाई की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
चीन का चुनावों में दखल
ताइपे टाइम्स के अनुसार, हुआंग ने कहा कि चीन का अन्य देशों के चुनावों में हस्तक्षेप कोई नई बात नहीं है। उन्होंने अमेरिका के हालिया राष्ट्रपति चुनाव में चीन की भूमिका, कनाडा में चीनी-कनाडाई समुदायों को प्रभावित करने के प्रयासों और ऑस्ट्रेलिया में चीन-समर्थक उम्मीदवारों को वित्तीय सहायता देने की कोशिशों का उल्लेख किया।
जब ताइवान में चीन-समर्थक उम्मीदवारों के बारे में पूछा गया, तो हुआंग ने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सभी को चुनाव लड़ने का अधिकार होना चाहिए, बशर्ते वे कानूनी मानदंडों को पूरा करते हों। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ताइवान के उम्मीदवारों को ताइवान का नागरिक होना चाहिए और उन्हें अन्य देशों की नागरिकता छोड़नी होगी।
ताइवान की राजनीतिक व्यवस्था में घुसपैठ
हुआंग ने कहा कि यह स्पष्ट है कि चीन ऐसे व्यक्तियों का उपयोग करके ताइवान की राजनीतिक व्यवस्था में घुसपैठ करने का प्रयास करेगा। उन्होंने इसे बीजिंग द्वारा लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के माध्यम से लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश बताया।
रिपोर्ट के अनुसार, हुआंग ने कहा कि बीजिंग को राजनीतिक ध्रुवीकरण को बढ़ावा देने और आम सहमति को बाधित करने के लिए केवल एक या दो कट्टरपंथी नेताओं की आवश्यकता होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे नेता कानूनों को रोककर जोखिम पैदा कर सकते हैं।
आंतरिक संघर्षों का प्रभाव
हुआंग ने ताइवान के राष्ट्रीय सुरक्षा कानूनों में बदलावों की प्रक्रिया में रुकावट का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कुछ नेता जनमत को प्रभावित करने और प्रस्तावित उपायों को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक कलह ताइवान की बिना चालक वाले हवाई वाहनों (UAVs) को हासिल करने की क्षमता पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। इसके अलावा, आंतरिक राजनीतिक संघर्षों के कारण संवेदनशील जानकारी लीक होने का खतरा भी बढ़ सकता है।
