चीन की परमाणु-संचालित पनडुब्बी से मिसाइल परीक्षण ने वैश्विक सुरक्षा को चुनौती दी
चीन का नया मिसाइल परीक्षण
चीन ने प्रशांत महासागर में अपनी परमाणु-संचालित पनडुब्बी से एक 'अदृश्य' रणनीतिक मिसाइल का परीक्षण किया है, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचा दी है। इस गुप्त परीक्षण के बाद, प्रशांत महासागर महाशक्तियों के बीच संभावित संघर्ष का क्षेत्र बनता दिख रहा है। बीजिंग की बढ़ती सैन्य गतिविधियों और परमाणु हथियारों के विकास पर अमेरिका ने कड़ा रुख अपनाया है, और उसने स्पष्ट चेतावनी दी है। वाशिंगटन ने कहा है कि यह कदम वैश्विक सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा है, और वह अपने सहयोगियों की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है। इस परीक्षण ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में परमाणु युद्ध की आशंका को बढ़ा दिया है।
अमेरिका की प्रतिक्रिया
अमेरिका ने चीन से अनुरोध किया है कि वह हथियार नियंत्रण वार्ता में भाग ले और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्यों द्वारा किए गए वादों के अनुसार अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलों और अंतरिक्ष प्रक्षेपणों की जानकारी साझा करे। चीन भी पी-5 का सदस्य है।
परीक्षण का विवरण
सोमवार को, चीन ने प्रशांत महासागर में अपनी परमाणु-संचालित पनडुब्बी से एक 'डमी' हथियार के साथ लंबी दूरी की रणनीतिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने कहा कि अमेरिका ने इस परीक्षण को देखा, जिसमें मिसाइल दक्षिणी प्रशांत महासागर में गिरी। उन्होंने बताया कि जबकि अमेरिका परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकने के लिए प्रयास कर रहा है, चीन इसके विपरीत दिशा में बढ़ रहा है।
चीन का स्पष्टीकरण
चीन ने कहा कि यह परीक्षण पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) नौसेना के वार्षिक प्रशिक्षण का हिस्सा है। पीएलए ने बताया कि परीक्षण से पहले संबंधित देशों को इसकी सूचना दी गई थी और यह अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुरूप किया गया। हालांकि, चीन ने मिसाइल के नाम और उसकी मारक क्षमता का खुलासा नहीं किया।
