चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग का एससीओ शिखर सम्मेलन में सुरक्षा पर जोर
एससीओ शिखर सम्मेलन में सुरक्षा की प्राथमिकता
बिश्केक, 1 सितंबर: चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने मंगलवार को शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्यों से सुरक्षा को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। उन्होंने आतंकवाद, अलगाववाद, चरमपंथ, सीमा पार संगठित अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी और दूरसंचार धोखाधड़ी के खिलाफ कठोर कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया। किर्गिस्तान की राजधानी में एससीओ शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए, शी ने कहा, "हमें सुरक्षा को एक मुख्य लक्ष्य मानते हुए उस पर काम करते रहना चाहिए और साझा सुरक्षा का माहौल बनाना चाहिए।"
उन्होंने कहा, "हमें आतंकवाद, अलगाववाद और चरमपंथ, सीमा-पार संगठित अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी और दूरसंचार के जरिये होने वाली धोखाधड़ी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।" शी ने परमाणु सुरक्षा के लिए बहुपक्षीय सहयोग की आवश्यकता पर भी चर्चा की।
उन्होंने कहा, "हम परमाणु सुरक्षा के लिए एक समझदारी भरे, समन्वित और संतुलित नजरिए में विश्वास करते हैं और इसके लिए मजबूत बहुपक्षीय साझेदारी का समर्थन करते हैं।" हालांकि, इस विषय पर उन्होंने विस्तार से कुछ नहीं बताया।
शी ने एससीओ सदस्य देशों से सूचना सुरक्षा, जैव-सुरक्षा और बाहरी अंतरिक्ष सुरक्षा के क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने का आह्वान किया।
अमेरिका की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा, "हमें बाहरी ताकतों को हमारे आंतरिक मामलों में दखल देने से रोकना होगा।" उन्होंने एससीओ के पिछले 25 वर्षों के सफर को उल्लेख करते हुए कहा कि यह संगठन दक्षिण-दक्षिण सहयोग का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बन चुका है।
उन्होंने कहा, "इसकी सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि यह लगातार एक नए प्रकार के क्षेत्रीय सहयोग संगठन के रूप में विकसित हुआ है, जिसका क्षेत्रफल और जनसंख्या सबसे अधिक है।"
एससीओ के सदस्य देशों में चीन, रूस, भारत, ईरान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, पाकिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान और बेलारूस शामिल हैं। चीन ने इस संगठन की स्थापना रूस और मध्य एशियाई देशों के साथ मिलकर की थी।
बीजिंग में एससीओ का मुख्यालय स्थित है। शी ने 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने की भी उम्मीद जताई।
उन्होंने कहा, "हम एससीओ के साथी देशों के साथ मिलकर एक अंतरराष्ट्रीय एआई ऐप सहयोग केंद्र बनाएंगे और फोटोवोल्टिक तथा पवन ऊर्जा की क्षमता को बढ़ाने के लिए काम करेंगे।"
