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जापान के शाही परिवार में उत्तराधिकार नियमों में बदलाव

जापान के शाही परिवार में हाल ही में कानून में संशोधन किया गया है, जिससे शाही उत्तराधिकार नियमों में ढील दी गई है। नए नियमों के तहत, शाही परिवार अब 15 वर्ष से अधिक उम्र के दूर के पुरुष रिश्तेदारों को गोद ले सकता है। इसके अलावा, यदि कोई राजकुमारी आम आदमी से विवाह करती है, तो उसका शाही दर्जा बना रहेगा। हालांकि, महिलाओं को सिंहासन पर बैठने की अनुमति नहीं है। यह बदलाव शाही परिवार के घटते सदस्यों की संख्या को देखते हुए किया गया है।
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जापान के शाही परिवार के नियमों में संशोधन

जापान के शाही परिवार की संख्या में कमी आ रही है, जिसके चलते शुक्रवार को जापान की संसद ने 19वीं सदी के शाही परिवार कानून में संशोधन किया है। इस नए कानून के अनुसार, शाही परिवार अब 15 वर्ष से अधिक उम्र के अपने दूर के पुरुष रिश्तेदारों को गोद ले सकता है। इसके अलावा, यदि कोई राजकुमारी आम आदमी से विवाह करती है, तो उसका शाही दर्जा बना रहेगा, लेकिन महिलाओं को सिंहासन पर बैठने की अनुमति नहीं दी गई है।


 


यह संशोधन 1949 के बाद से शाही परिवार कानून में सबसे बड़ा बदलाव है। नए नियम के तहत, उन 11 शाखाओं के पुरुषों को गोद लेने की अनुमति दी जाएगी, जिन्हें द्वितीय विश्व युद्ध के बाद शाही परिवार से अलग कर दिया गया था। जापान सरकार का मानना है कि इससे शाही परिवार का दायरा बढ़ेगा और पुरुष उत्तराधिकार की चुनौतियों का सामना करने में मदद मिलेगी।


 


2021 में, जापान की राजकुमारी माको ने अपने प्रेमी से विवाह किया था, जिसके कारण उन्हें अपनी शाही उपाधियाँ छोड़नी पड़ी थीं और परिवार से भी अलग कर दिया गया था। लेकिन नए कानून के तहत, यदि कोई महिला आम आदमी से विवाह करती है, तो उसका शाही दर्जा बना रहेगा, हालाँकि उनकी संतानें सिंहासन की उत्तराधिकारी नहीं होंगी। 



जापान के शाही परिवार की कोई महिला सिंहासन पर नहीं बैठ सकती। इसका मतलब है कि कोई महिला शाही परिवार की उत्तराधिकारी नहीं बन सकती है। वर्तमान सम्राट नारुहितो की एकमात्र संतान उनकी बेटी राजकुमारी आइको (24) हैं। नए कानून के बावजूद, राजकुमारी आइको सम्राट नहीं बन पाएंगी, लेकिन जापान में उनकी लोकप्रियता बहुत अधिक है। कई लोग चाहते हैं कि वह अगली सम्राट बनें। 


 



जापान में लगभग 2600 वर्ष पुराना वंशानुगत राजतंत्र है। सिंहासन के उत्तराधिकार में पहले स्थान पर मौजूदा सम्राट के 60 वर्षीय छोटे भाई फुमिहितो का नाम है। इसके बाद उनके 19 वर्षीय बेटे राजकुमार हिसाहितो का नाम आता है। तीसरे स्थान पर सम्राट के 90 वर्षीय चाचा हैं। जापान के शाही परिवार के सामने सबसे बड़ी चुनौती उत्तराधिकारियों की बढ़ती उम्र है, और यदि राजकुमार हिसाहितो का कोई बेटा नहीं हुआ, तो उत्तराधिकार की परंपरा समाप्त हो जाएगी। इसी समस्या का समाधान करने के लिए कानून में संशोधन किया गया है, ताकि दूर के परिवार से बच्चे को गोद लिया जा सके। 



जापान के शाही परिवार में उत्तराधिकार संकट की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि राजकुमार हिसाहितो पिछले 40 वर्षों में परिवार में पैदा होने वाले इकलौते लड़के हैं। परिवार के 16 सदस्यों में केवल पांच पुरुष हैं और कोई भी बच्चा नहीं है।