जापान में बांग्लादेशी श्रमिकों की नौकरी का मामला: क्या है सच्चाई?
जापान में बांग्लादेशी श्रमिकों की संभावित भर्ती पर विवाद
नई दिल्ली: हाल ही में जापान में बांग्लादेश के एक लाख श्रमिकों को रोजगार देने की खबर ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी। यह दावा किया गया था कि जापान सरकार अगले पांच वर्षों में बांग्लादेश से पांच लाख श्रमिकों को नौकरी देने का निर्णय लिया है। लेकिन, इस मामले की चर्चा के बाद जापान के विदेश मंत्रालय ने इन खबरों को गलत बताया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि हाल ही में दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच हुई बैठक में ऐसा कोई समझौता नहीं हुआ था।
सोशल मीडिया पर कई पोस्ट में यह कहा गया कि जापान हर साल बांग्लादेश से एक लाख श्रमिकों को काम पर रखेगा। इन दावों को 27 अक्टूबर को टोक्यो में हुई बैठक से जोड़ा गया। इस पर जापान के विदेश मंत्रालय के प्रेस सचिव तोशिहिरो कितामुरा ने 29 अक्टूबर को स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने कहा कि जापान ने बांग्लादेश से एक लाख श्रमिकों को स्वीकार करने की कोई सहमति नहीं दी है। दोनों प्रधानमंत्रियों की बातचीत में ऐसा कोई निर्णय नहीं हुआ था।
बैठक में क्या हुआ चर्चा?
जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची और बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के बीच हुई बैठक में आर्थिक संबंधों को मजबूत करने, व्यापार, निवेश और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई। इसके बाद दोनों देशों ने एक संयुक्त बयान जारी किया। जापान ने अगले पांच वर्षों में बांग्लादेश में जापानी कंपनियों द्वारा लगभग एक लाख करोड़ येन के निजी निवेश की संभावना जताई, जिससे वहां लगभग दो लाख रोजगार के अवसर उत्पन्न होने की उम्मीद है। दोनों देशों ने बंगाल की खाड़ी औद्योगिक विकास क्षेत्र (BIG-B) योजना को आगे बढ़ाने और आर्थिक साझेदारी समझौते को जल्द लागू करने पर भी सहमति जताई। यह इस पूरे मामले का सबसे महत्वपूर्ण पहलू है। जापानी कंपनियों का बांग्लादेश में निवेश करना और वहां रोजगार सृजन करना, जापान में बांग्लादेशी श्रमिकों को बुलाने से अलग है।
एक लाख श्रमिकों का आंकड़ा कैसे आया?
एक लाख श्रमिकों का आंकड़ा पहले भी चर्चा में आ चुका है। मई 2025 में टोक्यो में हुए मानव संसाधन सेमिनार में जापानी कारोबारी प्रतिनिधियों ने अगले पांच वर्षों में एक लाख बांग्लादेशी श्रमिकों को जापान में काम के अवसर देने की योजना का उल्लेख किया था। इस दौरान दोनों देशों की रोजगार एजेंसियों और जापानी संगठनों के बीच दो समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर की खबरें भी आई थीं। हालांकि, इस कारोबारी योजना को सरकार की आधिकारिक गारंटी नहीं माना जा सकता।
जापान में बुजुर्ग आबादी के बढ़ने और कामकाजी लोगों की संख्या में कमी के कारण कई क्षेत्रों में कर्मचारियों की कमी हो रही है। इसे पूरा करने के लिए देश विदेशी श्रमिकों को अवसर प्रदान करता है। Specified Skilled Worker (SSW) व्यवस्था के तहत विदेशी नागरिकों को तय कौशल, भाषा और पात्रता शर्तें पूरी करके नौकरी के लिए आवेदन करने का मौका मिलता है।
