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जॉर्डन ने ईरानी मिसाइलों को नष्ट किया, अमेरिका और सऊदी अरब की कार्रवाई जारी

जॉर्डन की सेना ने ईरान से दागी गई पांच मिसाइलों को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया। यह घटना अमेरिका और सऊदी अरब द्वारा इराक में ईरान समर्थित समूहों के ठिकानों पर हवाई हमलों के बाद हुई। इराक के प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाई है। अमेरिका ने चेतावनी दी है कि आगे हमलों की स्थिति में कड़ी सैन्य कार्रवाई की जाएगी। इस बीच, यमन के हूती विद्रोहियों ने एक सऊदी तेल टैंकर को नाकाबंदी करके रास्ता बदलने पर मजबूर करने का दावा किया है।
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जॉर्डन की हवाई रक्षा प्रणाली की सफलता

काहिरा, 29 जुलाई - जॉर्डन की सेना ने बुधवार तड़के ईरान द्वारा दागी गई पांच मिसाइलों को बीच में ही नष्ट करने की जानकारी दी। यह घटना अमेरिकी सेना द्वारा पश्चिम एशिया में ईरानी मिसाइलों को निष्क्रिय करने और इराक में ईरान समर्थित समूहों के ठिकानों पर सऊदी अरब के साथ मिलकर हवाई हमले करने के कुछ घंटे बाद हुई। जॉर्डन की सेना ने पुष्टि की कि सभी पांच मिसाइलों को सफलतापूर्वक रोककर नष्ट कर दिया गया।


इस बीच, ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के हवाले से बताया कि उनकी एयरोस्पेस फोर्स ने जॉर्डन के मुवाफ्फाक सल्ती एयर बेस और अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड के मुख्यालय पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी।


अमेरिकी सेनाओं की सतर्कता

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने पहले ही अपनी सेनाओं को उच्च स्तर की तैयारी में रहने की जानकारी दी थी। सेंटकॉम ने यह भी बताया कि अमेरिकी और सऊदी बलों ने इराक में उन ठिकानों पर हमले किए, जिनका उपयोग ईरान समर्थित सशस्त्र समूहों द्वारा हाल में हमलों के लिए किया जा रहा था। अमेरिका ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिकी सैनिकों या सऊदी अरब के ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर और हमले हुए, तो कड़ी सैन्य कार्रवाई की जाएगी।


इराक में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक

इराक के प्रधानमंत्री अली अल-ज़ैदी ने इन हमलों पर चर्चा के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाई। अमेरिका और ईरान के बीच हाल के दिनों में अपेक्षाकृत शांति का माहौल था, जिसमें कोई नया हमला नहीं हुआ था।


हालांकि, होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तनाव बना हुआ था, जो दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल व्यापार का मार्ग है। यह संघर्ष उस समय फिर भड़क उठा है जब अमेरिका के राष्ट्रपति कई मोर्चों पर दबाव का सामना कर रहे हैं।


संघर्ष में अमेरिकी सैनिकों की मौत

हाल के हफ्तों में संघर्ष में चार अमेरिकी सैनिकों की जान गई है, और पेंटागन ने युद्ध की बढ़ती लागत के लिए कांग्रेस से अतिरिक्त धन की मांग की है। सेंटकॉम ने बताया कि पिछले 72 घंटों में आईआरजीसी के निर्देश पर किए गए 30 से अधिक ड्रोन हमलों के जवाब में अमेरिकी और सऊदी लड़ाकू विमानों ने पूर्वी इराक में आतंकवादी संगठनों के कई ठिकानों पर हमला किया।


सऊदी अरब की प्रतिक्रिया

सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर हमलों की पुष्टि की है, यह बताते हुए कि वे तनाव बढ़ाना नहीं चाहते, लेकिन किसी भी आक्रामक कार्रवाई का जवाब देंगे। 'पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज' (पीएमएफ), जो मुख्य रूप से शिया और ईरान समर्थित सशस्त्र समूहों का गठबंधन है, ने दावा किया कि रातभर चले हवाई हमलों में उनके 20 लड़ाके मारे गए और 32 घायल हुए।


सऊदी अरब ने मंगलवार को कहा था कि उसने लगातार दूसरे दिन इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया द्वारा दागे गए ड्रोन को नष्ट किया।


यमन के हूती विद्रोहियों का दावा

यमन के हूती विद्रोहियों ने यह दावा किया है कि उन्होंने एक सऊदी तेल टैंकर को नाकाबंदी करके रास्ता बदलने पर मजबूर कर दिया। इराक के प्रधानमंत्री अल-ज़ैदी ने सोमवार के कथित ड्रोन हमले के बाद जांच के आदेश दिए हैं। इराकी सेना ने यह सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया है कि इराक की भूमि का उपयोग किसी भी मित्र या पड़ोसी देश पर हमले के लिए नहीं किया जाएगा।


हालांकि, इराकी मिलिशिया समूहों ने ड्रोन हमलों में अपनी किसी भी भूमिका से इनकार किया है।