टेक्सास के भारतीय मूल के चार लोग नेपाल में बाढ़ के बाद लापता
नेपाल में बाढ़ के कारण लापता भारतीय नागरिक
ह्यूस्टन (अमेरिका), 2 सितंबर: एक गैर-लाभकारी संगठन ने जानकारी दी है कि नेपाल-तिब्बत क्षेत्र में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद टेक्सास में रहने वाले चार भारतीय मूल के लोग लापता हो गए हैं। इस संगठन ने राहत कार्यों के लिए एक लाख अमेरिकी डॉलर की सहायता राशि भी जारी की है। उत्तरी टेक्सास में व्यवसाय करने वाले दीपक आहूजा (60) और मधु आहूजा (57) कैलाश मानसरोवर यात्रा से लौटते समय बाढ़ के बाद चीन-नेपाल सीमा पर ग्यिरोंग पोर्ट के पास संपर्क से बाहर हो गए।
बाढ़ के कारण स्थानीय संचार नेटवर्क भी प्रभावित हुए हैं। लापता दंपति की बेटी, आश्ना आहूजा ने कहा, "हमने तुरंत अपने माता-पिता को फोन करना शुरू किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। हम उन्हें बहुत प्यार करते हैं और चाहते हैं कि वे सुरक्षित घर लौटें।"
टेक्सास के मर्फी शहर का एक और दंपति, अर्चना सुरेश और रघु राजन भी रसुवागढ़ी-तिमुरे क्षेत्र से लापता हैं। अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभ में लगभग 85 से 90 अमेरिकी नागरिकों के लापता होने की सूचना मिली थी। टेक्सास स्थित 'सेवा इंटरनेशनल यूएसए' ने मंगलवार को बताया कि उसने अपने 'नेपाल फ्लैश फ्लड रिलीफ' अभियान के तहत 24 घंटे में 55,000 अमेरिकी डॉलर से अधिक जुटाए हैं।
संगठन ने लापता लोगों की जानकारी इकट्ठा करने के लिए एक पोर्टल भी शुरू किया है। 'सेवा इंटरनेशनल यूएसए' के अध्यक्ष श्रीकांत गुंडावरापु ने कहा कि अचानक आई बाढ़ ने नेपाल के कई क्षेत्रों में भारी तबाही मचाई है, जिसमें सैकड़ों लोगों की जान गई है और कैलाश यात्रा पर जा रहे कई श्रद्धालु बह गए हैं। उन्होंने कहा कि लोगों की पीड़ा और दुख अत्यंत हृदयविदारक है।
संगठन ने यह भी पुष्टि की है कि आपदा के समय सीमा के पास मौजूद उनके कई स्वयंसेवक भी लापता लोगों में शामिल हैं। संगठन के आपदा राहत विभाग के सहायक निदेशक विनायक आस्तेकर ने कहा कि उनकी प्राथमिकता उन परिवारों की मदद करना है, जिन्होंने अपने घर खो दिए हैं, जो फंसे हुए हैं और जिन्हें भूख, ठंड और स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। जमीनी राहत टीमों ने प्रभावित लोगों तक आवश्यक सामग्री, 300 मजबूत तिरपाल, आपातकालीन खाद्य सामग्री और चिकित्सा सामान पहुंचाया है।
इनमें 'ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन' (ओआरएस) के 5,000 पैकेट भी शामिल हैं। यह राहत सामग्री रसुवा, नुवाकोट और धादिंग जिलों के प्रभावित लोगों तक पहुंचाई गई है।
