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डेनमार्क और अमेरिका के बीच ग्रीनलैंड पर समझौता अगले सप्ताह होगा

डेनमार्क ने शुक्रवार को घोषणा की कि ग्रीनलैंड के संबंध में अमेरिका के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता अगले सप्ताह संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान होगा। प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसेन ने बताया कि इस त्रिपक्षीय समझौते को लागू करने के लिए संसद की मंजूरी आवश्यक होगी। ट्रंप ने इस समझौते के माध्यम से ग्रीनलैंड में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति बढ़ाने की योजना का भी उल्लेख किया। जानें इस समझौते का क्या महत्व है और ट्रंप के नियंत्रण स्थापित करने के प्रयासों के बारे में।
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ग्रीनलैंड पर त्रिपक्षीय समझौते की पुष्टि

डेनमार्क ने शुक्रवार को यह जानकारी दी कि ग्रीनलैंड के संबंध में अमेरिका के साथ एक समझौता अगले सप्ताह संयुक्त राष्ट्र महासभा के वार्षिक सम्मेलन के दौरान किया जाएगा। डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसेन के कार्यालय ने बताया कि इस त्रिपक्षीय समझौते को लागू करने के लिए डेनमार्क और ग्रीनलैंड की संसदों की मंजूरी आवश्यक होगी। इससे पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड के संबंध में एक करार की घोषणा की थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह उस काम को पूरा कर रहे हैं, जिसे कई पूर्व राष्ट्रपतियों ने करने की इच्छा जताई थी।


समझौते का महत्व और ट्रंप की घोषणा

फ्रेडरिकसेन ने एक बयान में कहा, 'यह समझौता ग्रीनलैंड और डेनमार्क की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को मान्यता देता है' और दोनों के लोगों के 'स्व-निर्णय' के अधिकार का समर्थन करता है। ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्होंने ग्रीनलैंड में अमेरिकी सेना की उपस्थिति बढ़ाने के लिए डेनमार्क के साथ एक समझौता किया है, लेकिन इस आर्कटिक द्वीप पर डेनमार्क की संप्रभुता बनी रहेगी। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर समझौते की घोषणा करते हुए कहा कि यह करार 'अमेरिका को ग्रीनलैंड में सुरक्षा और अन्य सभी जरूरतों पर स्थायी नियंत्रण प्रदान करता है, जिससे अमेरिका की सभी चिंताएं पूरी तरह से दूर हो जाती हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि इस समझौते के साथ उनका प्रशासन डेनमार्क के इस क्षेत्र में बड़ी सैन्य मौजूदगी बनाने की प्रक्रिया 'तुरंत' शुरू करेगा।


ट्रंप का डेनमार्क पर नियंत्रण स्थापित करने का प्रयास

ट्रंप ने राष्ट्रपति पद ग्रहण करने के बाद डेनमार्क पर नियंत्रण स्थापित करने के लिए हर संभव प्रयास करने की बात कही थी। उन्होंने डेनमार्क को यह द्वीप बेचने की पेशकश भी की थी, जिसका अमेरिका के सहयोगियों ने विरोध किया था।