डोनाल्ड ट्रंप का FIFA वर्ल्ड कप पर बयान: अमेरिका को मिले मेजबानी के अधिकार?
ट्रंप का विवादास्पद बयान
नई दिल्ली: फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक बयान चर्चा का विषय बन गया है। न्यूयॉर्क में ट्रंप टॉवर में आयोजित एक कार्यक्रम में, उन्होंने कहा कि अगला फुटबॉल विश्व कप अमेरिका को ही मिलना चाहिए। ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि इस बार कनाडा और मेक्सिको को मेजबानी में शामिल नहीं किया जाना चाहिए।
ट्रंप की टिप्पणी पर प्रतिक्रियाएँ
ट्रंप ने यह बयान फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो की उपस्थिति में दिया। उनके इस बयान पर उपस्थित लोगों ने मुस्कुराते हुए प्रतिक्रिया दी। इसके बाद उन्होंने मजाक में कहा कि अगर अमेरिका अकेले मेजबानी नहीं कर सका, तो चीन के साथ साझेदारी एक विकल्प हो सकता है, जिससे यात्रा की दूरी कम हो जाएगी। इस पर वहां मौजूद लोग हंस पड़े।
इन्फेंटिनो की सराहना
कार्यक्रम में फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो ने ट्रंप की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि 2026 का फीफा वर्ल्ड कप अमेरिकन ड्रीम का प्रतीक है और इसके सफल आयोजन में अमेरिकी प्रशासन का योगदान महत्वपूर्ण है।
अमेरिकी टीम की हार
ट्रंप और इन्फेंटिनो के बीच संबंध पहले भी चर्चा में रहे हैं। हाल ही में, ट्रंप ने इन्फेंटिनो से बात कर अमेरिकी फुटबॉलर फोलारिन बालोगुन के रेड कार्ड के निलंबन को हटाने का अनुरोध किया था। हालांकि, अमेरिकी टीम बेल्जियम के खिलाफ 4-1 से हार गई और प्रतियोगिता से बाहर हो गई।
2026 फीफा वर्ल्ड कप का आयोजन
2026 फीफा वर्ल्ड कप का आयोजन संयुक्त रूप से अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको द्वारा किया जा रहा है। अब यह टूर्नामेंट अपने अंतिम चरण में है, और रविवार को न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम में अर्जेंटीना और स्पेन के बीच फाइनल खेला जाएगा। ट्रंप ने कहा है कि वह इस फाइनल मैच को देखने के लिए स्टेडियम में उपस्थित रहेंगे।
भविष्य की मेजबानी
फीफा ने 2030 विश्व कप की मेजबानी मोरक्को, पुर्तगाल और स्पेन को सौंप दी है, जबकि 2034 का आयोजन सऊदी अरब करेगा। 2038 के विश्व कप के मेजबान देश का चयन अभी बाकी है। ट्रंप की टिप्पणी ने भविष्य में विश्व कप की मेजबानी को लेकर नई चर्चाएँ शुरू कर दी हैं।
