डोनाल्ड ट्रंप का ईरान पर कड़ा संदेश: आसान या मुश्किल रास्ता?
ट्रंप का ईरान के प्रति कड़ा रुख
नई दिल्ली: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के मामले में एक बार फिर से कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि वाशिंगटन जल्द ही ईरान के संबंध में अंतिम निर्णय करेगा, और इसके परिणाम या तो 'आसान तरीके से' आएंगे या 'कठिन तरीके से'। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान पहले से ही पूरी तरह से तबाह हो चुका है।
व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत
व्हाइट हाउस के बाहर संवाददाताओं से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, "मुझे ईरान के बारे में एक निर्णय लेना है। ईरान पूरी तरह से बर्बाद हो चुका है। इसलिए सवाल यह है कि या तो आसान रास्ता होगा या कठिन। हम या तो आसान रास्ता अपनाएंगे या कठिन।" हालांकि, उन्होंने ईरान के लिए अपनी आगामी रणनीति के बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं दी, केवल इतना कहा कि स्थिति अनुकूल दिशा में बढ़ रही है और ईरान की स्थिति 'अच्छी नहीं है'।
योजना का खुलासा करने से बचते हुए
जब पत्रकारों ने ट्रंप से उनकी आगामी रणनीति के बारे में पूछा, तो उन्होंने संकेत दिया कि यदि उन्होंने अपनी योजना का खुलासा किया, तो यह एक बड़ी सुर्खी बन जाएगी। उन्होंने कहा, "अगर मैंने आपको बता दिया, तो यह एक बड़ी खबर बन जाएगी, है ना? लेकिन आप देखेंगे। सब कुछ बहुत अच्छा चल रहा है। ईरान की हालत अच्छी नहीं है।" अमेरिकी प्रशासन की आगे की कार्रवाई के बारे में उन्होंने कोई समयसीमा नहीं बताई।
पिछले दावों की पुनरावृत्ति
इससे पहले भी ट्रंप ने कहा था कि ईरान के साथ चल रहा संघर्ष जल्द समाप्त होगा, और युद्ध खत्म होते ही तेल की कीमतों में भारी गिरावट आएगी। टेक्सास में संवाददाताओं से बात करते हुए उन्होंने कहा था कि ईरान आर्थिक और सैन्य दोनों मोर्चों पर कमजोर हो चुका है।
ईरान की स्थिति पर सीधा हमला
ट्रंप ने कहा, "उनके यहां 301 प्रतिशत मुद्रास्फीति है। उनके पास पैसे की कमी है, उनकी सेना हार चुकी है, उनकी नौसेना खत्म हो गई है, उनकी वायु सेना भी समाप्त हो गई है, सब कुछ खत्म हो गया है।" उन्होंने आगे जोड़ा कि यह संघर्ष किसी न किसी तरह बहुत जल्द समाप्त होने वाला है, और जब ऐसा होगा, तो तेल के दाम तेजी से गिरेंगे। यह ध्यान देने योग्य है कि ईरान को परमाणु क्षमता हासिल करने से रोकना अमेरिकी विदेश नीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है, और इसी संदर्भ में ट्रंप की यह ताजा टिप्पणी आई है।
