डोनाल्ड ट्रंप का रूस-यूक्रेन ऊर्जा युद्ध विराम का ऐलान, जेलेंस्की ने जताई अनिश्चितता
ट्रंप का अचानक सीजफायर का ऐलान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच ऊर्जा युद्ध विराम की घोषणा कर सभी को चौंका दिया है। इस घोषणा के तुरंत बाद, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने कहा कि उन्हें इस समझौते की कोई जानकारी नहीं है और वे अमेरिका से इसके बारे में अधिक जानकारी का इंतजार कर रहे हैं। इसका मतलब है कि जिन देशों के बीच ट्रंप ने सीजफायर का ऐलान किया है, उन्हें भी इसकी जानकारी नहीं है। जेलेंस्की ने यह भी कहा कि यूक्रेन ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने के लिए तैयार है, लेकिन रूस को भी इसी तरह की प्रतिबद्धता दिखानी होगी।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में लिखा कि रूस और यूक्रेन के बीच ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने का समझौता तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है। उन्होंने दोनों पक्षों से इस समझौते का उल्लंघन न करने की अपील की। हालांकि, ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह सीजफायर कितने दिनों तक चलेगा और इसके लागू होने की शर्तें क्या होंगी।
रूस की ओर से इस घोषणा पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। जेलेंस्की ने कहा कि यदि ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन के साथ इस मुद्दे पर सहमति बनाई है, तो यूक्रेन को यह बताया जाना चाहिए कि सीजफायर कब से शुरू होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यूक्रेन रूस के ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने के लिए तैयार है, बशर्ते रूस भी ऐसा करे। जेलेंस्की ने बताया कि पिछले सप्ताह में रूस ने यूक्रेन के बिजली उत्पादन और ट्रांसमिशन से जुड़े ठिकानों पर 200 से अधिक हमले किए।
यूक्रेन में बढ़ते हमले
यूक्रेन में हालात बेहद गंभीर हैं। रूस ने कई क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर हमले किए हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि इन हमलों में 70 मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल हुआ है, जिससे कम से कम 11 लोगों की जान गई है। यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाया गया है, जिससे परिवहन इंफ्रास्ट्रक्चर भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
रूस ने जैप्रोजिया को निशाना बनाया, जो दक्षिणी यूक्रेन का हिस्सा है। 10 अक्टूबर को हुए रूसी हवाई हमले में 12 लोगों की मौत हुई। इसके बाद प्रलुकी क्षेत्र में भी बड़ा हमला हुआ, जिसमें एक पांच मंजिला रिहायशी इमारत धराशायी हो गई। कीव में लगातार हमले हो रहे हैं, जिससे लोग मेट्रो में रहने को मजबूर हैं।
यूक्रेन भी रूस के कई इलाकों पर हमले कर रहा है। 9 अक्टूबर को यूक्रेनी सेना ने रूस पर बड़ा हमला किया। युद्ध के मैदान में रूस की बढ़त बनी हुई है, और वह यूक्रेन की सैन्य क्षमता को कमजोर करने के लिए उसके हथियार बनाने वाली जगहों और सप्लाई नेटवर्क को निशाना बना रहा है।
