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डोनाल्ड ट्रंप का विवादास्पद बयान: शी जिनपिंग को जन्मजात नागरिकता पर बधाई

डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में ट्रुथ सोशल पर एक विवादास्पद पोस्ट में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को जन्मजात नागरिकता पर बधाई दी। यह टिप्पणी अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के एक महत्वपूर्ण फैसले के बाद आई है, जिसने ट्रंप के कार्यकारी आदेश को रद्द कर दिया था। जानें इस फैसले का ट्रंप की आव्रजन नीति पर क्या प्रभाव पड़ा और उन्होंने इस पर क्या प्रतिक्रिया दी।
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ट्रंप का नया विवाद

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को ट्रुथ सोशल पर एक विवादास्पद पोस्ट साझा की, जिसमें उन्होंने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को जन्मजात नागरिकता के मुद्दे पर व्यंग्यात्मक बधाई दी। ट्रंप ने लिखा, "मैं राष्ट्रपति शी और महान देश चीन को इस महत्वपूर्ण जीत पर बधाई देना चाहता हूं!" यह टिप्पणी अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्णय के बाद आई है, जिसने ट्रंप के उस कार्यकारी आदेश को रद्द कर दिया था, जिसके तहत अमेरिका में जन्मे अवैध अप्रवासियों के बच्चों को जन्मजात नागरिकता का अधिकार समाप्त किया गया था। इस फैसले ने ट्रंप की एक महत्वपूर्ण आव्रजन नीति को गंभीर झटका दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 14वें संशोधन के तहत देश में जन्मे बच्चों को स्वतः अमेरिकी नागरिकता मिलती है, चाहे उनके माता-पिता अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे हों या अस्थायी रूप से। 


शी जिनपिंग को बधाई देने का कारण

ट्रंप ने शी जिनपिंग को बधाई क्यों दी?

ट्रंप का शी जिनपिंग का उल्लेख 1898 के ऐतिहासिक मामले 'यूनाइटेड स्टेट्स बनाम वोंग किम आर्क' से संबंधित था। यह मामला 14वें संशोधन के तहत अमेरिकी नागरिकता का कानूनी आधार बना। वोंग किम आर्क का जन्म 1873 में सैन फ़्रांसिस्को में चीनी माता-पिता के घर हुआ था, जो अमेरिकी नागरिक नहीं थे। जब वे विदेश यात्रा से लौटे, तो उन्हें देश में प्रवेश से रोका गया, क्योंकि अधिकारियों का तर्क था कि माता-पिता की राष्ट्रीयता के कारण वे अमेरिकी नागरिक नहीं हैं। चीफ जस्टिस जॉन रॉबर्ट्स ने भी 30 जून को इसी मामले का उल्लेख करते हुए कहा था कि स्थापित संवैधानिक समझ से हटने का कोई औचित्य नहीं है। ट्रंप का संदेश ऐसा प्रतीत होता था जैसे वे उस फैसले की सराहना कर रहे हों, जिससे चीनी माता-पिता के यहाँ अमेरिका में जन्मे लोगों को लाभ मिल रहा है।


ट्रंप की प्रतिक्रिया

सुनवाई पर ट्रंप की प्रतिक्रिया

ट्रंप ने अपने चुनावी अभियान के दौरान बार-बार जन्म के आधार पर नागरिकता (बर्थराइट सिटिज़नशिप) का विरोध किया है। उनका मानना है कि इससे अवैध तरीके से देश में आने वाले लोगों को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने इस फैसले को "देश के लिए बहुत बुरा" बताया और कहा कि वह इसे ठीक करने के लिए कांग्रेस में कानून बनाएंगे। पद ग्रहण करने के पहले दिन, उन्होंने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किया था, जिसका उद्देश्य अमेरिका में जन्मे बच्चों को स्वतः नागरिकता मिलने से रोकना था। उनका तर्क था कि जो बच्चे ऐसे माता-पिता के घर पैदा होते हैं, जो अमेरिकी नागरिक नहीं हैं, वे अमेरिका के अधिकार क्षेत्र में नहीं आते और इसलिए, उन्हें जन्म के आधार पर नागरिकता का अधिकार नहीं है।